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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र तीर्थ की अष्टकोसी परिक्रमा बुधवार 18 मार्च को श्रद्धापूर्वक शुरू की जाएगी। इसकी शुरुआत सुबह 4:30 बजे होगी। करीब 24 किलोमीटर की परिक्रमा प्राचीन तीर्थ नाभीकमल मंदिर से आरंभ होकर शाम 7 बजे तक चलेगी। तीर्थ यात्रा सोम तीर्थ कार्तिकेय मंदिर (ओजस तीर्थ) बाहरी, स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर, ब्रह्मामंदिर, दधिची तीर्थ, कुबेर तीर्थ, परशुराम तीर्थ, खीर सागर, नंदी-भौजी तीर्थ, सरस्वती तीर्थ खेड़ी मारकंडा, जिला कारागार के पीछे स्थित वृद्ध कन्या तीर्थ, रंतुक यक्ष (ठाकुरद्वारा रत्नदक्ष पिपली), शिव मंदिर पलवल, औघड़ तीर्थ, बाण गंगा दयालपुर, अपगया तीर्थ (कर्ण का टिल्ला), भीषम कुंड नरकातारी तीर्थों पर जाएगी।
इसके बाद नाभीकमल तीर्थ में यात्रा संपन्न होगी। प्राचीन तीर्थ नाभी कमल मंदिर दर्राखेड़ा के महंत विशाल मणिदास ने कहा कि जगह-जगह तीर्थ यात्रा का स्वागत किया जाएगा। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। चैत्रकृष्ण चतुर्दशी को होने वाली इस तीर्थ यात्रा के बारे में शास्त्रों में वर्णित है कि जो व्यक्ति इस यात्रा का संकल्प करता है अथवा यात्रा में शामिल लोगों की सेवा करता है, वह सभी पापों से मुक्त हो जाता है। बड़े ही पुण्यों के प्रताप से इस दुर्लभ यात्रा का अवसर मिलता है। इसलिए इस यात्रा में बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए। शाम 7 बजे नाभि कमल मंदिर में आरती के बाद प्रसाद वितरित होगा।
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धर्मनगरी में निकाली जाएगी 24 किलोमीटर की अष्टकोसी परिक्रमा, सुबह 4:30 बजे होगा शुभारंभ




