देश को पहली मिक्सी और ग्राइंडर देने वाली अंबाला की 250 करोड़ की इंडस्ट्री पर युद्ध की मार! Haryana News & Updates

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अंबाला. जब दुनिया के हालात बदलते हैं, तो उसका असर सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि छोटे-छोटे शहरों के उद्योगों तक भी पहुंच जाता है. कुछ ऐसा ही हाल हरियाणा के अंबाला का है, जहां की मिक्सी इंडस्ट्री अब ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के चलते जूझ रही है.

दरअसल अंबाला वहीं शहर है,जिसने देश को पहली मिक्सी दी थी. अब यही मिक्सी उद्योग कच्चे माल की महंगाई और वैश्विक हालात के दबाव में हांफता नजर आ रहा है. अंबाला में करीब 200 छोटी-बड़ी इकाइयां है, जहां पर  मिक्सी, जूसर, ग्राइंडर और चापर बनते हैं. इनके साथ जिलेभर के 150 से ज्यादा ट्रेडर्स जुड़े हुए हैं.

जानकारी के अनुसार, यहां से सालाना कारोबार करीब 250 करोड़ रुपये तक पहुंचता है,ओर इससे करीब 15 हजार परिवारों की रोजी-रोटी सीधी जुड़ी हुई है.ऐसे में अगर युद्ध लंबा चला है तो इसका असर सभी व्यापारी व्यापारियों पर देखने को मिलेगा और कई लोगों का रोजगार भी खत्म हो जाएगा.

लोकल 18 से बातचीत में मिक्सी उद्योग से जुड़े व्यापारी नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि वह पिछले 45 साल से मिक्सी उद्योग के साथ जुड़े हुए है. यह व्यापार पिछले 15 सालों से काफी ज्यादा नुकसान झेल रहा है. लेकिन कुछ दिन से हालात खराब हो गए हैं. दूसरे देशों से आने वाले कच्चे माल के रेट काफी ज्यादा बढ़ गए हैं. कॉपर सिल्वर और प्लास्टिक महंगे रेट पर मिल रहा है. जब कच्चा माल महंगा मिल रहा है तो मिक्सी, ग्राइंडर और चॉपर के दाम भी बढ़ाने पड़ रहे हैं. हालांकि, खरीदार रेट बढ़ने के कारण माल नहीं खरीद रहा है.

व्यापारी अजय अग्रवाल ने बताया कि युद्ध का असर मिक्सी उद्योग अभी थोड़ा कम है.हालांकि, जैसे जैसे युद्ध आगे बढ़ेगा ज्यादा नुकसान झेलना पड़ेगा. कच्चा माल काफी मुश्किल से मिल रहा है और ऐसे में में यहां पर कई आइटमों के दाम 25% तक बढ़ा दिए गए हैं. मजदूरों की स्थिति पर भी सीधा पड़ रहा है. क्योंकि फैक्ट्री में ज्यादा काम रहा नहीं है और अब धीरे-धीरे स्टाफ की भी कमी की जा रही है, अगर हालात इसी तरह बने रहे तो यह काम बिल्कुल ठप हो जाएगा. उन्होंने कहा कि पीतल, तांबा,लोहा और प्लास्टिक सभी तरह की वस्तुएं मिक्सी बनाने में उपयोग की जाती है और इसकी महंगी सप्लाई से बाहर भी बहुत कम आइटम जा रही है.

कहां कहां होती है सप्लाई

कच्चे माल के रेट लगभग दोगुने होने से 15 प्रतिशत तक आइटम्स के रेट व्यापारियों को बढ़ाने पड़े हैं. युगांडा, दुबई, कतर और अफ्रीकी समेत कई देशों में मिक्सी की सप्लाई होती है और मौजूदा हालात में निर्यात प्रभावित हो रहा है.

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