दिल्‍ली वालों !रहो तैयार, मत रखो कंबल रजाई,फिर से बंद करने पड़ सकते हैं पंखे Haryana News & Updates

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दिल्‍ली वालों !रहो तैयार, मत रखो कंबल रजाई,फिर से बंद करने पड़ सकते हैं पंखे

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जम्मू और कश्मीर में लंबे सूखे का अंत हुआ, ऊंचे इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई. गुरेज, सोनमर्ग-ज़ोजिला मार्ग में हिमपात हुआ है.वहीं श्रीनगर में बारिश हुई है. इस वजह से तापमान में गिरावट की संभावना है.

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कश्‍मीर में बर्फबारी और बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है. इसका असर मैदानी इलाकों में भी पड़ सकता है.

श्रीनगर. जम्मू और कश्मीर में मंगलवार को लंबे समय से जारी सूखे का अंत हो गया, जब कश्मीर के ऊंचे इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई. इसकी वजह से मौसम में बदलाव आ रहा है,तापमान में गिर सकता है. आने वाले दिनों में सुबह और शाम को तपमान में गिरावट आ सकती है.

अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उत्तरी कश्मीर में गुरेज और मध्य कश्मीर में सोनमर्ग-ज़ोजिला मार्ग जैसे ऊँचे क्षेत्रों में रातभर हिमपात हुआ, जबकि श्रीनगर समेत घाटी के मैदानों में सुबह तक बारिश जारी रही. इस बारिश और हिमपात ने राज्य में लंबे समय से जारी सूखे की स्थिति को समाप्त किया. इस मौसम में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक वर्षा सामान्य से 65 प्रतिशत कम रही. इस अवधि में जम्मू और कश्मीर में मात्र 100.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि यहां सामान्यत: वर्षा 284.9 मिमी होती है.

विशेष रूप से दिसंबर में केवल 13 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 59.4 मिमी रहती है. इस प्रकार 78 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज हुई. जनवरी में 73.4 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 95.1 मिमी थी, जिससे 23 प्रतिशत की कमी रही. फरवरी में केवल 14.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 130.4 मिमी होती है. इस प्रकार 89 प्रतिशत वर्षा की भारी कमी देखी गई.

मौसम विभाग ने आगामी बुधवार तक कश्मीर में मौसम सामान्य रहने और बादल छाये रहने का अनुमान जताया है. ऊंचे इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम बारिश या हिमपात हो सकता है.विभाग के अनुसार, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गांदेरबल और अनंतनाग के कुछ ऊँचे हिस्सों में मध्यम हिमपात हो सकता है.

इस वर्षा और हिमपात से सूखे के कारण खेतों और जल स्रोतों में हुई कमी को कुछ हद तक राहत मिल सकती है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि लगातार वर्षा में कमी के कारण जलस्तर और फसलों की स्थिति के कारणा अब भी निगरानी की आवश्यकता है. बारिश और बर्फवारी का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकता है.यहां पर सुबह और शाम को तापमान गिर सकता है. यानी अभी गर्मी से अभी कुछ दिनों तक राहत मिल सकती है.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

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