तमिलनाडु में ‘थलापति’ की एंट्री! विजय का रोडशो, समर्थकों की भीड़- क्या बनने जा रहे हैं अगला बड़ Politics & News

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अब फिल्मी स्टार से नेता बने विजय की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह बदल दिया है. तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय ने सोमवार (30) को नामांकन दाखिल करने के बाद जोरदार रोडशो किया, जिसमें सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब राज्य की राजनीति में नया अध्याय लिखे जाने की साफ संकेत दे रहा था. 

विजय इस बार पेरंबूर और त्रिची ईस्ट, दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं. यह फैसला अपने आप में बड़ा राजनीतिक संकेत है, क्योंकि दो सीटों से चुनाव लड़ना आमतौर पर बड़े नेताओं की रणनीति माना जाता है. इससे यह भी संदेश देने की कोशिश है कि विजय सिर्फ चुनाव नहीं लड़ रहे, बल्कि सत्ता की सीधी दावेदारी पेश कर रहे हैं.

‘भविष्य के नेता बनकर उभर रहे हैं विजय’

TVK नेता केए सेंगोट्टैयन ने विजय को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा, ‘विजय एक ऐसे भविष्य के नेता के रूप में उभर रहे हैं जो तमिलनाडु का नेतृत्व करने में सक्षम हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि विजय की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और लोग उन्हें एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रहे हैं. उनके मुताबिक कोई भी ताकत जनता के फैसले को रोक नहीं सकती और 2026 में बदलाव तय है.

हर सीट पर उम्मीदवार, बड़ा दांव

TVK ने इस बार तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, साथ ही पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी दांव खेला है. यह दिखाता है कि पार्टी सीमित प्रयोग नहीं, बल्कि पूरे राज्य में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के इरादे से मैदान में उतरी है. सेंगोट्टैयन का दावा है कि TVK ही स्वच्छ और पारदर्शी सरकार दे सकती है. उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार देने जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही है जो चुनाव में निर्णायक साबित हो सकते हैं.

जनता में बदलाव की चाह?

राज्य में मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के बीच एक बड़ा सवाल उभर रहा है कि क्या जनता बदलाव चाहती है? सेंगोट्टैयन के मुताबिक लोग अब नई सरकार और नए नेतृत्व की उम्मीद कर रहे हैं. रोड शो में उमड़ी भीड़ और युवाओं का उत्साह इस दावे को कुछ हद तक मजबूती भी देता है. खासकर शहरी इलाकों में विजय की अपील तेजी से बढ़ती दिख रही है.

दो सीटों से चुनाव लड़ना रणनीति या मजबूरी?

विजय के दो सीटों से चुनाव लड़ने पर भी चर्चा तेज है. इस पर सेंगोट्टैयन ने कहा, ‘नेताओं का दो सीटों से चुनाव लड़ना आम बात है. यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने भी दो सीटों से चुनाव लड़ा था.’ यह बयान साफ करता है कि पार्टी इसे एक सामान्य राजनीतिक रणनीति के रूप में पेश कर रही है न कि किसी असमंजस के तौर पर.

क्या बदल जाएगा तमिलनाडु का चुनावी खेल?

तमिलनाडु की राजनीति अब तक DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन विजय की एंट्री ने इस पारंपरिक समीकरण को चुनौती दी है. अगर TVK को युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं का समर्थन मिलता है तो यह चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले में बदल सकता है जो नतीजों को पूरी तरह अप्रत्याशित बना देगा.

23 अप्रैल को होने वाले मतदान और 4 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि विजय का यह राजनीतिक दांव कितना सफल होता है. हालांकि फिलहाल इतना तय है कि तमिलनाडु में इस बार चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि नए नेतृत्व के उभार का भी है.

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