[ad_1]
दरअसल, हांसी जिले में करीब 24 घंटे पहले बेटी के मायके आने पर तिकोना पार्क के समीप सेठी चौक स्थित कृष्ण कथूरिया का घर-आंगन खुशियों से महक रहा था। बेटी महक को सेवइयां पसंद थी तो मां ने पहले जी भर के हाथों से खिलाया और बाद में खाने के लिए आधा किलो सेवइयां उसे दे भी दीं। लेकिन, किसे पता था यह मुलाकात न भूलने वाली याद बन जाएगी।
‘कैसे उनकी बेटी को दामाद अंशुल ने मौत के घाट उतार दिया?’
सोमवार शाम करीब पौने छह बजे जैसे ही उसका शव हांसी स्थित घर पहुंचा परिजन ही नहीं वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। सबके मन में यह सवाल था कि कैसे उनकी बेटी को दामाद अंशुल ने मौत के घाट उतार दिया। देर शाम सिसाय रोड स्थित स्वर्ग आश्रम में महक का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है।
25 सितंबर 2025 को हुई थी महक की शादी
महक की शादी 25 सितंबर 2025 को हिसार के सेक्टर 33 निवासी अंशुल धवन से हुई थी। अंशुल का परिवार भी मूल रूप से हांसी के रूप नगर कॉलोनी का रहने वाला है। परिजनों के अनुसार शादी के बाद दोनों खुशहाल थे। अनबन की पहले कभी कोई बात सामने नहीं आई थी।
[ad_2]
डिप्टी मैनेजर हत्याकांड की भयावह कहानी: महक ने खाई थी मां के हाथों से बनीं सेवइयां, हंसते हुए घर से निकली थी






