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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल।

संयुक्त किसान मोर्चा के गैर-राजनीतिक किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को आज पटियाला के अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। इसके बाद वे जिला फरीदकोट स्थित अपने गांव डल्लेवाल जाएंगे, जहां वे किसान महापंचायत में शामिल होंगे व किसानों को दो मिनट का संदेश देंगे।
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यह जानकारी किसान नेता अभिमन्यु सिंह कोहाड़ ने दी है। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन को तेज करने के लिए अप्रैल से मई तक डल्लेवाल के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया गया है। ये कार्यक्रम पंजाब और हरियाणा में आयोजित होंगे, जिसमें डल्लेवाल हिस्सा लेंगे।
अप्रैल महीने में ऐसे चलेगा संघर्ष
फसलों की एमएसपी की लीगल गारंटी सहित 13 मांगों लेकर जगजीत सिंह डल्लेवाल 26 नवंबर से आमरण अनशन पर चल रहे हैं। उनका आमरण अनशन 129वें दिन में प्रवेश कर गया था। किसान डल्लेवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा। डल्लेवाल 3 अप्रैल को फरीदकोट स्थित डल्लेवाल महापंचायत में शामिल होंगे।
4 अप्रैल को दाना मंडी (फिरोजपुर-मोगा), 5 अप्रैल को चप्पड़ (पटियाला), 6 अप्रैल को सहहिंद (मोहाली), 7 अप्रैल को धनौला (बरनाला), 8 अप्रैल को दोदा (मुक्तसर साहिब), 9 अप्रैल को फाजिल्का, 10 अप्रैल को अमृतसर तथा 11 अप्रैल को मानसा में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

19 मार्च को किसान हिरासत में लिए
किसानों की ओर से 13 फरवरी 2024 को दिल्ली की ओर पटियाला के शंभू और खनौरी बॉर्डर से कूच की गई थी, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया तथा सीमा पर पक्के बैरिकेड लगा दिए। इसके बाद, किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेंगे और दोनों मोर्चों पर पक्का मोर्चा लगा दिया गया।
इसी बीच, 19 मार्च 2025 को जब किसान केंद्र सरकार से मीटिंग के लिए आए थे, तो मीटिंग के बाद वापस जाते समय पंजाब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके पश्चात शंभू और खनौरी से मोर्चे हटा दिए गए। इस दौरान, पहले डल्लेवाल को जालंधर के पिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था;
वहाँ मीडिया के जमावड़े के बाद उन्हें पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया। 23 मार्च को उन्हें पटियाला शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि, डल्लेवाल के परिवार व किसानों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं थी। सइके बाद यह मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा। साथ कहा कि वह भी हमारे हिरासत में नहीं है। वहीं, उनसे परिवार मिल सकता है।
किसानों को हिरासत में लेने के बाद डल्लेवाल ने पानी पीना भी छोड़ दिया था, जबकि 28 मार्च को किसानों को रिहा कर दिया गया। इसके बाद, डल्लेवाल ने फिर से पानी पीना शुरू कर दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार ने कहा कि डल्लेवाल अनशन खत्म कर दिया। लेकिन किसानों ने कहा कि अनशन नहीं तोडृा है। हालांकि किसानों ने दावा किया मोर्चे हटाने के बाद 135 ट्रॉलियां चोरी हुई। मामला पंजाब विधानसभा से लेकर संसद तक यह मामला उठा।
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डल्लेवाल को आज पटियाला अस्पताल से मिलेगी छुट्टी: फरीदकोट से महापंचायतें होंगी शुरू, दो मिनट का संदेश जनता काे देंगे – Punjab News