ट्रैफिक नियम तोड़ने में महिलाएं आगे: चंडीगढ़ में एक साल में बिना हेलमेट के पचास हजार चालान, RTI में खुलासा Chandigarh News Updates

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बिना हेलमेट महिलाओं के चालान
– फोटो : फाइल

विस्तार


चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियम तोड़ने में महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। सड़क हादसों में ज्यादातर लोगों की मौत हेड इंजरी से हो रही हैं। पिछले चार साल में 796 सड़क हादसों में 321 जानें जा चुकी हैं।

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इसमें ज्यादातर दोपहिया वाहन चालकों की मौत हेड इंजरी से हुई। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों की मौत का आंकड़ा सबसे अधिक है। इसके साथ एक बात यह भी है कि कुछ मामलों में दोपहिया वाहन चालक ने हेलमेट पहन रखा था लेकिन वह घटिया क्वालिटी का था। 

बिना हेलमेट के चालान में दिखा फर्क 

दूसरी ओर, एक साल में महिलाओं के बिना हेलमेट के 50 हजार से अधिक चालान काटे गए, जबकि पुरुषों के 19 हजार चालान कटे। यह आंकड़े आरटीआई में मांगी जानकारी में मिले हैं।

पुलिस ने शहर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली 44 हजार 564 महिलाओं का चालान किया है, जबकि दोपहिया वाहन चालक 6870 महिलाओं का हेलमेट नहीं पहनने पर चालान किया गया है। वहीं, 19693 पुरुषों के बिना हेलमेट के चालान हुए। इनमें से 12264 पुरुष पिछली सीट पर बिना हेलमेट सफर कर रहे थे। इसके साथ पुलिस ने दोपहिया वाहनों पर ट्रिपल राइडिंग के 2,356 चालान किए हैं।

ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने को अभियान चलाया जा रहा है। सबसे ज्यादा हेमलेट पहनने के लिए प्रेरित किया जाता है।

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ट्रैफिक नियम तोड़ने में महिलाएं आगे: चंडीगढ़ में एक साल में बिना हेलमेट के पचास हजार चालान, RTI में खुलासा