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पंजाब के स्वर्णजीत सिंह खालसा को नार्विच का पहला सिख मेयर चुना गया है।
पंजाब के जालंधर के स्वर्णजीत सिंह खालसा अमेरिका में डेमोक्रेट मेयर बने हैं। इसके साथ ही वे अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य में पहले सिख मेयर भी बन गए हैं। स्वर्णजीत इससे पहले यहां से 2 बार काउंसलर भी रह चुके हैं।
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यहां केवल 10 सिख परिवार ही रहते हैं। उनका कहना है कि स्थानीय मुद्दों को उठाने पर उन्हें यह जीत मिली है। इस जीत में सिख कम्युनिटी के साथ अमरीकन का भी उन्हें खासा सपोर्ट मिला। पेशे से इंजीनियर स्वर्णजीत करीब 18 साल पहले जालंधर से अमेरिका गए थे।
मेयर का चुनाव जीतने के बाद स्वर्णजीत सिंह खासला।
स्वर्णजीत की जालंधर से अमेरिका पहुंचने की कहानी…
- 2007 में स्टडी वीजा पर अमेरिका गए: स्वर्णजीत के पिता परमिंदर पाल सिंह खालसा सिख सेवक सोसाइटी इंटरनेशनल के प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि स्वर्णजीत ने इंजीनियरिंग की डिग्री DAV इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जालंधर से पूरी की। इसके बाद वह स्टडी वीजा पर 2007 में अमेरिका चले गए।
- न्यू जर्सी में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की: अमेरिका में स्वर्णजीत ने कंप्यूटर साइंस में न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर्स की। इसके बाद वह 2010 में नॉर्विच में रहने लगे। यहां स्वर्णजीत सिंह कंस्ट्रक्शन फील्ड में काम करने लगे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में एंट्री की और 2 बार नॉर्विच से मेयर बने।
- स्थानीय मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया: अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले के बाद सिख मुद्दों को उठाने के बाद स्वर्णजीत सिंह खासला पहली बार लाइमलाइट में आए थे। इसके बाद इन्होंने वहां रह रहे लोगों के मुद्दों को उठाकर राजनीति में अपनी जगह बनाई।
- एफबीआई ने सम्मानित किया: पिता परमिंदर पाल ने बताया कि स्वर्णजीत ने सिख और स्थानीय लोगों के मुद्दों को उठाना शुरू किया। शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास शुरू किए। लोगों ने इसे खूब सराहा। नॉर्विच में शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने के लिए 2017 में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) डायरेक्टर का सामुदायिक नेतृत्व पुरस्कार दिया गया।
जालंधर के गुरु तेग बहादुर नगर में है पैतृक घर स्वर्णजीत सिंह खालसा का पैतृक घर जालंधर के गुरु तेगबहादुर नगर में है। मेयर के चुनाव में उन्हें 2458 वोट मिले जबकि विपक्षी ट्रेसी गोल्ड को 2250 वोट मिले। स्वर्णजीत के जीत दर्ज करने के बाद उनके घर पहुंचकर विभिन्न संस्थाओं ने परिजनों को बधाई दी। खासला के दादा दादा इंदरपाल सिंह खालसा, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य रहे हैं।। इसके अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल के भी सदस्य रहे।

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जालंधर के स्वर्णजीत नॉर्विच में पहले सिख मेयर बने: शहर में केवल 10 सिख परिवार, 18 साल पहले गए अमेरिका; FBI कर चुकी सम्मानित – Jalandhar News

