जरूरत की खबर- न्यूट्रिशन का खजाना हल्दी-दूध: जानें 13 जादुई हेल्थ बेनिफिट्स, बनाने का सही तरीका, किन्हें नहीं पीना चाहिए Health Updates

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12 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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पीढ़ियों से हमारी दादी-नानी हल्दी-दूध को सेहत का खजाना बताती आई हैं। सर्दी-खांसी हो, शरीर में दर्द हो, थकान महसूस हो या नींद ठीक से न आती हो तो रात में एक कप गुनगुना हल्दी-दूध राहत देता है। ये एक ऐसा ट्रेडिशनल ड्रिंक है, जो ‘सुरक्षा कवच’ की तरह काम करता है।

न्यूट्रिशन साइंस भी हल्दी-दूध के हेल्थ बेनिफिट्स को सपोर्ट करता है। साल 2022 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, हल्दी में ‘करक्यूमिन’ नामक एक पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट होता है। यह शरीर की कोशिकाओं को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। साथ ही बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी देता है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम हल्दी-दूध के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • हल्दी-दूध पीने का सही समय क्या है?
  • हल्दी-दूध बनाने का सही तरीका क्या है?

एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ

सवाल- हल्दी–दूध में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?

जवाब- हल्दी में मुख्य रूप से करक्यूमिन पाया जाता है, जो एक पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी तत्व है। इसके अलावा इसमें आयरन, मैंगनीज, पोटेशियम, फाइबर, विटामिन C और विटामिन B6 भी थोड़ी मात्रा होता है। ये न्यूट्रिएंट्स इम्यूनिटी मजबूत बनाने और शरीर में इंफ्लेमेशन कम करने में मदद करते हैं।

वहीं दूध न्यूट्रिशन का रिच सोर्स है। इसमें हाई प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D, विटामिन B12, फॉस्फोरस और पोटेशियम होता है। ये न्यूट्रिएंट्स हड्डियों को मजबूत बनाने, मसल्स और नर्व सिस्टम के लिए जरूरी होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से हल्दी-दूध की न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए-

सवाल- हल्दी-दूध के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- हल्दी और दूध दोनों ही अपने-अपने गुणों के कारण सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। हल्दी शरीर में इंफ्लेमेशन कम करने, इम्यूनिटी मजबूत करने और इन्फेक्शन से लड़ने में सपोर्ट करती है।

वहीं दूध जोड़ों के दर्द और मसल रिकवरी में सहायक होता है। सर्दी-खांसी में राहत देता है और नींद की क्वालिटी सुधारने में मदद करता है। साथ ही यह पाचन को सपोर्ट करता है और शरीर को अंदर से हील करने में मदद करता है।

हल्दी-दूध में दालचीनी, अदरक या कालीमिर्च मिलाने से इनके पोषक तत्व और बढ़ जाते हैं। इसे नियमित पीना सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। नीचे दिए ग्राफिक से इसके हेल्थ बेनिफिट्स समझिए-

सवाल- क्या डायबिटिक लोग हल्दी-दूध पी सकते हैं?

जवाब- डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (लखनऊ) की सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि डायबिटिक लोग हल्दी-दूध पी सकते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन ब्लड शुगर कम करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने में मदद कर सकता है। लेकिन ध्यान रखें, इसमें चीनी बिल्कुल न मिलाएं। लो-फैट या स्किम्ड दूध ही इस्तेमाल करें।

दरअसल, दूध में नेचुरल शुगर (लैक्टोज) होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लें। साथ ही ब्लड शुगर की नियमित जांच जरूर कराएं। इसे अपनी डेली डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सवाल- क्या बच्चों को हल्दी-दूध देना चाहिए?

जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि बच्चों को हल्दी-दूध दिया जा सकता है। यह इम्यूनिटी को सपोर्ट करता है। सर्दी-खांसी में राहत देता है और बोन हेल्थ को सपोर्ट करता है। हालांकि बच्चों को सीमित मात्रा में ही दें। 1 साल से छोटे बच्चों को न दें। एलर्जी या कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

सवाल- हल्दी-दूध पीने का सही समय क्या है?

जवाब- इसे रात में पीना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। यह मांसपेशियों को आराम देता है। दर्द और सूजन में राहत देता है। नींद की क्वालिटी बेहतर बनाता है। सोने से आधे-एक घंटे पहले पिएं। खाली पेट लेने से बचें।

सवाल- हल्दी-दूध बनाने का सही तरीका क्या है?

जवाब- हल्दी-दूध को ‘गोल्डन मिल्क’ कहा जाता है। इसे बनाने का तरीका बहुत आसान है। इसके लिए सही मात्रा और तरीके का ध्यान रखना जरूरी है। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए-

सवाल- एक स्वस्थ व्यक्ति को एक दिन में कितना हल्दी-दूध पीना चाहिए?

जवाब- एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में 1 कप हल्दी-दूध पर्याप्त है। हल्दी की मात्रा आधे चम्मच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा हल्दी से पेट में जलन हो सकती है।

सवाल- क्या हल्दी-दूध पीने के कोई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं?

जवाब- हां, कुछ मामलों में हल्दी-दूध के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। यह आमतौर पर ज्यादा मात्रा में लेने पर होते हैं। जैसेकि-

  • ज्यादा हल्दी से पेट में जलन हो सकती है।
  • एसिडिटी या गैस की समस्या हो सकती है।
  • कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है।
  • ब्लड थिनर मेडिसिन लेने वालों की समस्या बढ़ सकती है।
  • प्रेग्नेंसी में ज्यादा हल्दी नुकसानदायक हो सकती है।

सवाल- किन लोगों काे हल्दी-दूध नहीं लेना चाहिए?

जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि कुछ लोगों को हल्दी-दूध लेने से बचना चाहिए। जैसेकि-

  • जिन्हें पित्त संबंधी समस्या रहती है।
  • जिनका पाचन तंत्र बहुत कमजोर है।
  • जिन्हें गॉलब्लैडर स्टोन की समस्या है।
  • जिन्हें कोई ब्लीडिंग डिसऑर्डर है।
  • जिनको हल्दी से एलर्जी है।
  • प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

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