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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड को कड़ा और साफ संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाएं। भारत के पड़ोस में किसी भी तरह के आतंकी ढांचे को बढ़ावा नहीं दें। जयशंकर ने यह बयान नई दिल्ली में पोलैंड के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की से बातचीत के दौरान दिया। सिकोर्स्की ने अक्टूबर में पाकिस्तान की यात्रा की थी। इस दौरान वहां के विदेश मंत्री इशाक डार के साथ जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का जिक्र किया गया था, जिस पर भारत ने आपत्ति जताई। जयशंकर बोले- भारत को अलग-थलग करके निशाना बनाना गलत जयशंकर ने यूक्रेन संकट को लेकर भारत पर हो रही ‘चयनात्मक और अनुचित आलोचना’ पर भी नाराजगी जताई। दरअसल पश्चिमी देशों की ओर से रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों को लेकर भारत की आलोचना की जा रही है। रादोस्लाव सिकोर्स्की ने भी यूक्रेन मुद्दे पर भारत को लेकर की जा रही आलोचना को अनुचित और चयनात्मक बताया और इस पर जयशंकर से सहमति जताई। बैठक में व्यापार, निवेश और रक्षा-सुरक्षा पर चर्चा बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा-सुरक्षा, स्वच्छ तकनीक और डिजिटल नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने बताया कि भारत-पोलैंड द्विपक्षीय व्यापार करीब लगभग ₹58,100 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो पिछले एक दशक में लगभग 200% बढ़ा है। जयशंकर ने याद दिलाई डोब्री महाराजा की मदद जयशंकर ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश बच्चों को शरण देने वाले ‘डोब्री महाराजा’ (महाराजा दिग्विजय सिंह जी रणजीत सिंहजी जडेजा) को भी याद किया और इसे दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्तों की मजबूत कड़ी बताया। पोलैंड ने पाकिस्तान से डिफेंस समेत कई समझौते किए पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे थे। जहां उन्होंने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ कई समझौते किए थे।दोनों देश ने तय किया था व्यापार, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, रक्षा, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, विज्ञान एवं तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इशाक डार ने बताया था कि पाकिस्तान और पोलैंड के रिश्ते लगातार आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार एक अरब डॉलर से ज्यादा हो चुका है और व्यापार व आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने दक्षिण एशिया, अफगानिस्तान, यूरोप और मध्य पूर्व के हालात पर भी बात की। इशाक डार ने पोलिश प्रतिनिधिमंडल के सामने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का दोहराया और कहा कि इस मुद्दे का हल कश्मीरी लोगों की इच्छा और UN के प्रस्तावों के मुताबिक होना चाहिए।
इस मौके पर पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने कहा था कि उनका देश व्यापार, सार्वजनिक वित्त, फिनटेक और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की पेशकश कर रहा है। ——————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का न्योता:ट्रम्प ने पाकिस्तान और रूस को भी बुलाया; नाराज इजराइल बोला- बिना बातचीत टीम बनाई
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (शांति बोर्ड) में शामिल होने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को न्योता दिया है। भारत में US के एम्बेसडर सर्जियो गोर ने ट्वीट कर जानकारी दी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ को भी इस बोर्ड में शामिल होने का बुलावा दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
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जयशंकर बोले–पोलैंड हमारे पड़ोस में आतंक को बढ़ावा न दे: डिप्टी पीएम से मुलाकात में उनके कश्मीर पर दिए बयान पर आपत्ति जताई


