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चंडीगढ़ सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड में पुलिस ने शूटरों को हथियार और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों में मलोया निवासी राहुल शर्मा उर्फ पौलाड़ (25), कमलजीत उर्फ कम्मू (20) और मोहाली के झामपुर निवासी जानू मलिक शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल शर्मा और कमलजीत ने कजहेड़ी में शूटरों को आर-15 बाइक और हथियार उपलब्ध कराए थे। वहीं जानू मलिक ने एक अन्य शख्स के कहने पर राहुल से ढाई लाख रुपये लेकर बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर किए जो इस हत्याकांड में इस्तेमाल हुए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क के तार गैंगस्टर लक्की पटियाल से जुड़े एक करीबी शख्स तक पहुंच रहे हैं जो विदेश में बैठकर इस साजिश को संचालित कर रहा था। फिलहाल पुलिस इस एंगल पर गहन जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच की टीम ने लंबे समय से फरार इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की टीमें पहले से ही इनकी तलाश में जुटी थीं। अब पुलिस जल्द ही मुख्य शूटर पीयूष और प्रीतम को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी जिससे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
वारदात से पहले कजहेड़ी में ठहरे थे शूटर
जांच में यह भी सामने आया है कि शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान और और प्रीतम 15 और 16 मार्च को कजहेड़ी के एक होटल में ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने चिन्नी की रेकी की और हत्या की पूरी योजना बनाई। 18 मार्च को दिनदहाड़े चिन्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन दोनों शूटरों को पुलिस ने कैथल में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। बाद में 29 मार्च को हरियाणा पुलिस आरोपियों को उन
स्थानों पर भी लेकर गई जहां वे ठहरे थे और जहां से हथियार व बाइक बरामद हुई थी।
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चिन्नी हत्याकांड: शूटरों को हथियार व फंडिंग देने वाले तीन गिरफ्तार, विदेश में बैठा शख्स चला रहा था नेटवर्क

