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जिले में पिछले दो माह के अंदर 8901 परिवारों के बीपीएल राशनकार्ड काटे गए हैं। इसके चलते इन परिवारों की राशन सप्लाई बंद हो गई है। इन परिवारों के सदस्यों का कहना है कि मनमर्जी से उन्हें लखपति दर्शाया गया है जबकि उनक माली हालत खस्ता है। कुछ परिवार तो ऐसे हैं जिनके घर साइकिल तक नहीं है जबकि उनके घर चार पहिया वाहन दर्शाया गया है।
वहीं, अधिकारियों की मानें तो पोर्टल ने इनकी प्रॉपर्टी आईडी में चार पहिया वाहन दर्शाए हैं। इसके चलते इन्हें बीपीएल सूची से बाहर किया गया है। दूसरी ओर पीड़ित लोगों ने जिला प्रशासन से काटे गए बीपीएल कार्ड धारकों के घर-घर पहुंचकर हालातों का जायजा लेने और फिर यथास्थिति अनुसार ही अगला कदम उठान की मांग की है।
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चरखी दादरी: बीपीएल से नाम काटे जाने पर लोग परेशान


