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चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया के मेट्रो प्रोजेक्ट से न्यूटन लेने के बाद अब चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी की इस पर प्रतिक्रिया आई है। मनीष तिवारी का कहना है कि वर्तमान में आर्थिक गतिविधियाँ चंडीगढ़ के बाहर और आसपास के इलाकों में तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में चंडीगढ़ और लोगों के काम के लिए बाहरी क्षेत्रों और जगहों से लोगों को आना पड़ेगा, न कि इसके उलट। मेट्रो परियोजना चारों शहरों को एक उन्नत और एकीकृत तकनीकी केंद्र में बदल सकती है। यातायात की स्थिति चुनौती बनी हुई है सांसद ने कहा कि वर्ष 2026 में चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में यातायात की स्थिति चुनौती बनी हुई है। ऐसे में 2036 तक हालात और भी गंभीर हो सकते हैं, जहाँ आवागमन बेहद कठिन हो जाएगा। इस परिस्थिति में यह जरूरी है कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन मिलकर इस परियोजना को वित्तीय सहयोग दें और इसे जल्द से जल्द लागू करें। विशेषज्ञ एजेंसियों ने भी इस परियोजना को दो बार हरी झंडी दे चुकी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मेट्रो परियोजना को लागू किया जाता है तो ट्राई-सिटी क्षेत्र एक आधुनिक, जुड़ा हुआ और आर्थिक रूप से सशक्त महानगर बन सकता है। यह तर्क दिए थे प्रशासक ने प्रशासक ने कहा था कि चंडीगढ़ बहुत छोटा शहर है। इसमें हम इलेक्ट्रिक बस परियोजना को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे यातायात नियंत्रण में है। मेट्रो परियोजना के तहत खर्च काफी
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चंडीगढ़ मेट्रो प्रोजेक्ट पर सांसद और प्रशासक आमने-साम: सांसद बोले मेट्रे प्रेजेक्ट जरूरत, शासन की सफाई, लागत ज्यादा इतने में सिटी बस हो सकती हैं फ्री – Chandigarh News


