[ad_1]
चंडीगढ़ में लंबे समय से अटकी मार्बल मार्केट की शिफ्टिंग को लेकर अब बड़ी राहत मिली है। सेक्टर-56 में बनने वाली बल्क मैटेरियल मार्केट को केंद्र सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही धनास स्थित मार्बल मार्केट को नए स्थान पर स्थानांतरित करने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 44 एकड़ में विकसित होने वाली इस मार्केट पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के तहत 191 प्लॉट और 48 बूथ साइट्स बनाई जाएंगी, जिन्हें लीज होल्ड आधार पर नीलाम किया जाएगा। अब तक पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण एस्टेट ऑफिस नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहा था, लेकिन मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही प्लॉट्स की नीलामी शुरू होने की उम्मीद है। 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह प्रोजेक्ट 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, इसलिए पर्यावरण प्रभाव आकलन नियमों के तहत केंद्रीय मंजूरी जरूरी थी। पहले इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगे थे, जिस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रशासन से जवाब मांगा था। अब मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन को सभी पर्यावरणीय शर्तों का पालन करना होगा। प्रशासन की योजना के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद धनास की मार्बल मार्केट को सेक्टर-56 में शिफ्ट किया जाएगा। यहां भविष्य में मार्बल के साथ-साथ फर्नीचर कारोबारियों को भी जगह दी जाएगी। अस्थायी रूप से चल रही मार्बल मार्केट धनास की मार्बल मार्केट कई वर्षों से अस्थायी रूप से चल रही है और इसे अवैध माना जाता है। इसे हटाने के निर्देश हाईकोर्ट भी दे चुका है। नई मार्केट बनने से व्यापारियों को व्यवस्थित और वैध स्थान मिलेगा। साथ ही शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक व अतिक्रमण की समस्या में भी सुधार आने की उम्मीद है। नई मार्केट में चौड़ी सड़कें, पार्किंग की सुविधा, जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, पावर सब-स्टेशन और ग्रीन एरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 352 पेड़ों को हटाने की बाधा प्रशासन ने की दूर सेक्टर-56 में इस प्रोजेक्ट के लिए 352 पेड़ों को हटाने की बाधा भी थी, जिसे अब प्रशासन ने मंजूरी देकर दूर कर दिया है। वहीं, धनास की मौजूदा मार्बल मार्केट किसानों की करीब 200 एकड़ कृषि योग्य जमीन पर बनी हुई है, जिसे प्रशासन अतिक्रमण मानता है और अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। यह मार्केट ट्राईसिटी के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए भी प्रमुख केंद्र है। प्रशासन के सर्वे के अनुसार यहां करीब 182 लोग कार्यरत हैं।
[ad_2]
चंडीगढ़ में मार्बल मार्केट शिफ्टिंग का रास्ता साफ: बल्क मैटेरियल मार्केट को पर्यावरण विभाग की मंजूरी, 20 हजार वर्गमी क्षेत्र में फैला – Chandigarh News


