[ad_1]
गैस की किल्लत का असर सीधे शादी-विवाह और होटल इंडस्ट्री पर दिखने लगा है। कई परिवारों ने शादियां टाल दी हैं और नई तारीखें निकलवा ली हैं। वहीं, होटलों में आने वाले ग्राहकों की संख्या भी घटकर करीब 50 फीसदी रह गई है। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी सिमटकर महज एक फीसदी रह गई है। इससे इंडस्ट्री को बड़ा घाटा हो रहा है।
शादी का सीजन 13 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चलेगा लेकिन इस बार पहले जैसी रौनक नजर नहीं आ रही। एक होटल मालिक के अनुसार पहले जहां शादियों के लिए एडवांस बुकिंग होती थी, अब कई लोग शादियां पोस्टपोन कर रहे हैं। होटल इंडस्ट्री के लिए शादियां आय का प्रमुख स्रोत होती हैं, ऐसे में इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा है।
इस बार शादियों की बुकिंग काफी कम
होटल इंडस्ट्री से जुड़े सचिन बजाज ने बताया कि इस बार शादियों की बुकिंग पहले के मुकाबले काफी कम हैं। पिछले सीजन में जहां लोगों को मना करना पड़ता था, वहीं अब हालात उलट हैं। उन्होंने बताया कि गैस संकट के कारण लोग असमंजस में हैं। इसके अलावा विदेश में रहने वाले दूल्हा-दुल्हन एयरलाइंस की समस्या के चलते नहीं आ पा रहे जिससे भी शादियों पर असर पड़ा है।
कॉरपोरेट सेक्टर के फैसलों से भी बढ़ी मंदी
वर्क फ्रॉम होम का विकल्प अपना रहे काॅरपोरेट
ईंधन बचाने के लिए कई बड़े कॉरपोरेट हाउस ने वर्क फ्रॉम होम का विकल्प अपनाया है। इससे होटल में होने वाली कॉरपोरेट बुकिंग भी लगभग खत्म हो गई हैं। इस तरह की बुकिंग होटल इंडस्ट्री के लिए बड़े मुनाफे का जरिया होती थीं। इनके कम होने से परेशानी और बढ़ गई है।
विदेशी पर्यटकों की कमी से टूटा सहारा
एयरलाइंस पर असर पड़ने के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ के अध्यक्ष अरविंदर सिंह के अनुसार साल में करीब 30 फीसदी पर्यटक ट्राइसिटी में आते थे, जिनसे इंडस्ट्री को अच्छा खासा राजस्व मिलता था। अब इनके न आने से यह कमाई भी लगभग खत्म हो गई है।
[ad_2]
चंडीगढ़ में गैस किल्लत का असर: शादियां टलीं, शहर में विदेशी पर्यटक घटे; होटल इंडस्ट्री संकट में

