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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले सियासी माहौल में गर्माहट कुछ ज्यादा ही हो रही है। BJP कीं मेयर हरप्रीत कौर बबला द्वारा सांसद मनीष तिवारी द्वारा सहयोग नहीं दिए जाने के लगाए आरोप के बाद कांग्रेस ने भी सवाल खड़े किए हैं। भाजपा मेयर की तरफ से पत्रकारवार्ता के दौरान अपनी उपलब्धियां गिनाई हैं तो कांग्रेस ने गाय की मौत और मनीमाजरा हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर भाजपा के सवाल किए हैं। जिसके बाद मेयर बबला के पति दविंदर बबला और आप पार्षद प्रेम लता के बीच तीखी बहस हुई है। कांग्रेस की तरफ से चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की, सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी और डिप्टी मेयर तरुणा मेहता की तरफ से पत्रकारवार्ता की गई थी। इस दौरान सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी ने कहा कि जब मेयर हरप्रीत कौर बबला बनीं तो मलोया गोशाला में गाय की मौत हुई और अब रायपुर में मृतक गाय मिली हैं। उनके आने पर भी अपशगुन हुआ है और जाने के दौरान भी। इसकी पोस्ट वॉट्सऐप ग्रुप में पड़ी तो इसके लिए मेयर पति दविंदर बबला ने इसके लिए जसबीर बंटी, तरुणा मेहता को जिम्मेदार ठहरा दिया। जिससे इसी ग्रुप में वार पलटवार होने लगे। आप की पार्षद प्रेम लता ने कहा कि दविंदर बबला गलत जानकारियां शेयर कर रहे हैं, उनकी तरफ से कभी गोशाला पर बात नहीं की। इस पर दविंदर बबला ने बताया कि गौशाला को किसी संस्था को देने का विरोध जसबीर बंटी और तरुणा मेहता ने किया था और इस प्रस्ताव के विरोध में प्रेम लता ने भी हाथ उठाए थे। इसके बाद मनीमाजरा की पॉकेट नंबर 6 बेचने को लेकर बात शुरू हुई तो मेयर पति को बताना पड़ा कि वह 200-250 करोड़ की जमीन जायदाद के मालिक हैं, दो एकड़ की कोठी में रहते हैं और आठ गाड़ियां घर पर खड़ी हैं। हमें किसी की तरफ देखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पार्षद का नाम लेकर कहा कि वह मोहाली में बिल्डर से मिलने गए थे और कहा था कि वह जगह दिलवा देंगे बात नहीं बनी तो विरोध किया है। साफ है कि दोनों ही मुद्दे आने वाले दिनों में गंभीर राजनीतिक विवाद खड़ा करने वाले हैं। कांग्रेस ने कहा सांसद मनीष तिवारी पर भाजपा के आरोप भ्रामक
कांग्रेस ने सांसद मनीष तिवारी के योगदान पर भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को सिरे से खारिज किया। कांग्रेस ने कहा कि मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ के हर मुद्दे को न केवल संसद में गंभीरता से उठाया, बल्कि नगर निगम को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न समितियों के समक्ष दिल्ली फाइनेंस कमीशन की तर्ज पर 1700 करोड़ रुपए का हक दिलाने की पुरजोर वकालत की। मनीष तिवारी ने नगर निगम के लिए पांच साल का, जनता द्वारा सीधे चुना गया मेयर प्रणाली का समर्थन किया और डड्डूमाजरा के कूड़े के पहाड़ का मुद्दा भी लगातार उठाया। इससे स्पष्ट है कि सांसद पूरी निष्ठा और संजीदगी से अपना दायित्व निभा रहे हैं। उन्हें भाजपा के सर्टिफिकेट की नहीं, जनता के भरोसे की जरूरत है। कांग्रेस ने पत्रकारवार्ता के दौरान यह भी लगाए आरोप
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चंडीगढ़ में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सियासी बवाल: गायों की मौत-मनीमाजरा प्रोजेक्ट मुद्दे पर मेयर पति और आप पार्षद में तीखी बहस – Chandigarh News


