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चंडीगढ़ सेक्टर-21 स्थित बिल्डर अंकित सदाना के घर फायरिंग कर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों को पंजाब की जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दोनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में मोहाली निवासी ‘जानू’ नाम के युवक की तलाश में जुटी है, जिसने आरोपियों को फायरिंग का टास्क दिया था।
पुलिस के अनुसार मोहाली के मुल्लांपुर के पास गांव रूड़की खाम निवासी 19 वर्षीय रमनदीप लुधियाना की जेल में बंद था, जबकि नवांशहर के गढ़ी अजीत सिंह निवासी नरेंद्र धीर उर्फ आकाश कपूरथला जेल में बंद था। सेक्टर-19 थाना प्रभारी सतवीरा रॉयल के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों को अलग-अलग जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लेकर आई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें मोहाली के रहने वाले ‘जानू’ नाम के युवक ने फायरिंग करने के लिए कहा था। इसके बदले उन्हें कुछ पैसे दिए गए थे। हालांकि अंकित सदाना से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाली कॉल या रिकॉर्डिंग के बारे में दोनों आरोपियों ने किसी भी जानकारी से इनकार किया है। पुलिस अब जानू की तलाश कर रही है और उसके पकड़े जाने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस वारदात के पीछे किस गैंग का हाथ है।
लुधियाना में भी कर चुके हैं फायरिंग
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चंडीगढ़ में वारदात करने से पहले 10 जनवरी को लुधियाना में कार खरीद-फरोख्त का काम करने वाले एक व्यक्ति की दुकान पर भी फायरिंग की थी। वहां भी उन्होंने उसी नाम की पर्ची फेंकी थी। पंजाब पुलिस ने इस मामले में दोनों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान ही उन्होंने 15 जनवरी की रात सेक्टर-19 में अंकित सदाना के घर पर फायरिंग करने की बात कबूल की थी, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने इसकी जानकारी चंडीगढ़ पुलिस को दी।
घटना के समय घर में सो रहे थे अंकित सदाना
घटना के समय अंकित सदाना घर में सो रहे थे। पुलिस के अनुसार हमलावरों ने करीब छह राउंड फायर किए थे। रात के समय पुलिसकर्मियों को पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी, लेकिन सुबह जब जांच की गई तो घर के गेट और दीवार पर गोलियों के निशान मिले। गेट पर दो और दीवार पर चार गोलियों के निशान पाए गए, जबकि मौके से कोई खाली खोल बरामद नहीं हुआ।
धुंध के कारण कैमरों में साफ नहीं दिखे आरोपी
वारदात के समय इलाके में घनी धुंध थी, जिसके कारण हमलावरों की बाइक और चेहरा सीसीटीवी कैमरों में साफ नजर नहीं आ सका। उस समय घर में परिवार के सदस्य और सुरक्षा में तैनात पांच पुलिसकर्मी मौजूद थे।
पर्ची से जांच को मिली नई दिशा
घर के बाहर गेट के पास एक पर्ची भी मिली थी, जिस पर पेन से मोहब्बत रंधावा और पवन शौकीन के नाम लिखे थे। पुलिस के अनुसार इन दोनों नामों को बंबीहा गैंग से जुड़ा बताया जाता है। इसी पर्ची के आधार पर पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है।
घटना के अगले दिन आई 5 करोड़ की धमकी
सूत्रों के अनुसार फायरिंग की घटना के अगले दिन अंकित सदाना के मोबाइल पर एक रिकॉर्डिंग भेजी गई, जिसमें उनसे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। प्रारंभिक जांच में यह आवाज गुरुग्राम के कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी की बताई जा रही है।
गुरुग्राम से एक दिन पहले लौटे थे अंकित
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से एक दिन पहले ही अंकित सदाना गुरुग्राम से चंडीगढ़ लौटे थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अंकित सदाना को करीब चार साल पहले लॉरेंस गैंग की तरफ से धमकी मिली थी।
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चंडीगढ़ बिल्डर के घर फायरिंग: मोहाली के जानू ने दिया था टास्क, आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस

