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चमनप्रीत अपने दोस्तों के साथ कारो के काफिले में जाता हुआ। तो दूसरी जगह झरने में लेटा हुआ।- फाइल फोटो
चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में जिम के बाहर मारे गए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उसके शव को PGI से पैतृक गांव कुब्बाहेड़ी (मोहाली) लाया जाएगा। यहां दोपहर 1 बजे अंतिम विदाई दी जाएगी।
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शुक्रवार को परिवार की सहमति के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ पोस्टमॉर्टम करीब साढ़े 3 घंटे तक चला। दोपहर बाद 3 बजे पोस्टमॉर्टम शुरू हुआ था।
चिन्नी ने भाई दीपेंद्र सिंह ने बताया कि मेरा भाई कइयों के दिल का तारा था। उसका लिविंग स्टाइल हटकर था। लोग उसे सोशल मीडिया पर फॉलो करते थे। लेकिन कई उसे बेहद बेरोजगार तक कहते थे। कई लोग उसके बारे में कुछ भी बोलते रहते थे। बाहर बैठे लोग उसके सोशल मीडिया पर लाइफ स्टाइल देखकर जज कर लेते थे कि वह बहुत रिच है। लेकिन असलियत तो हमें पता है कि घर की छत तक गिरने वाली है।
दीपेंद्र सिंह ने कहा भाई के सपने बड़े थे। वह कई घरों का सहारा था। उसे बड़ा बनना था। मैं उसे कहता था कि तेरे दुश्मन बहुत हैं। तुझे लोग बर्दाश्त नहीं करते। माहौल भी खराब चल रहा है। हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें तेरी सेफ्टी चाहिए। तुझे लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम 10-20 हजार में छोटा कारोबार कर लेंगे। लोगों को लगता है कि चिन्नी आगे बढ़ गया है, इसे नीचे गिराओ। कोई जादू-टोना कर रहा है, हम इन चीजों को नहीं मानते। तू इन चीजों से बच।
वहीं, मृतक के इंस्टाग्राम पर दो दिन में लगभग 30 हजार फॉलोअर्स बढ़े हैं। अब उसके 69 हजार फॉलोअर्स हो गए हैं। 18 मार्च को चिन्नी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। 19 मार्च को हरियाणा के कैथल में दोनों शूटर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए गए।
चिन्नी का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव में दाेपहर एक बजे होगा।
भाई की 5 अहम बातें….
- बताओ हमने किसकी जमीन दबाई: दीपेंद्र सिंह ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि वह लोगों की जमीन दबाता था, फिरौतियां लेता था। दिखा दो हमें कौन सी जमीन दबाई है। पेश कर दो, जिसकी जमीन पर कब्जा किया है। बारिश हो रही है, मेरे घर जाकर देखो, घर के बीम (गार्डर) टूटे पड़े हैं। मेरे बापू टूटे कमरे में बैठा है। मुझे डर है कि कोई बीम टूटकर उस पर न गिर जाए।
- एक-एक पैसा जोड़कर दफ्तर बनाया: हमने एक-एक रुपया जोड़कर पैसा इकट्ठा किया और दफ्तर बनाया। फिर कारोबार शुरू किया। गलती यही है कि मेरा भाई मशहूर था। वह दानी सज्जन था, जिस वजह से उसे मार दिया। उन्होंने ऐसा कर पाप किया है। मैं यह जानना चाहता हूं कि मेरे भाई को क्यों मारा।
- किसी मां की कोख न उजाड़ो: बाहर वाले तो पकड़े नहीं जाते, कल को कोई और आ जाएगा। एक-दूसरे की दुश्मनी बताई जाती है। किसी के बेटे को न मारो। अपनी टेबल पर बैठकर बात करके मामला सुलझाओ। किसी और का बेटा न मारो, जैसे हमारे घर का दीपक बुझा दिया। किसी मां की कोख न उजाड़ो।
- हमें तो किसी पर संदेह तक नहीं है: हमारी किसी से दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में हमें किसी पर कोई शक भी नहीं था। अगर आरोपियों ने रेकी की, तो वह हमारे ऑफिस भी आए होंगे। हमारा तो प्रॉपर्टी का काम है, लगा होगा कि डील करने आया है। शराब का ठेका साथ पड़ता है, लगा होगा कि शराब लेने आया होगा। हमारा किसी से बैर नहीं था, किसी पर कोई संदेह भी नहीं था।

मृतक का भाई दीपेंद्र सिंह जानकारी देता हुआ।
- माता को बताया कि गोली लगी है: दीपेंद्र सिंह ने कहा कि माता को अभी पूरी बात नहीं बताई है। लेकिन जैसे लोग घर के बाहर जुट रहे हैं, उससे उन्हें अंदाजा हो रहा है। वह कहती हैं कि मेरे बेटे को ले आओ। मैंने कहा कि गोद में उठाकर ले आऊं। वह कहती हैं कि जैसे बचपन में उंगली पकड़कर जाता था, वैसे लेकर आओ। मैंने कहा कि लेकर आऊंगा। वह वेंटिलेटर पर है। उसे दो गोलियां लगी हैं। बापू पूछते हैं कि क्या हुआ, उन्हें भी नहीं बताया। भाई खो दिया, कैसे बताऊं। डर है कि इस सदमे में माता-पिता भी न टूट जाएं। मेरी घरवाली भी बीमार है।
- मकान के कारण शादी नहीं कर रहा था: भाई का विवाह करवाना था। लेकिन वह मकान बनने तक शादी नहीं करना चाहता था। कच्चा मकान है। उसे साफ-सुथरे और अच्छे तरीके से रहने का शौक था। मैं कभी उससे पैसे नहीं मांगता था। मैं चाहता था कि उसके शौक पूरे हों। उसका दोस्तों में उठना-बैठना था। मैं अपनी खेती करता था। मां कहती थी दीपेंद्र को पैसे दे दिया कर, वह कहता था कि वह पैसे मांगता ही नहीं। फिर भी वह मुझे 5-10 हजार दे जाता था। मैं चाहता था कि मेरे भाई की टोर बनी रहे।
- मौत का कारण साफ नहीं: अभी तक मौत का कारण साफ नहीं है। कोई फेसबुक-इंस्टाग्राम पर कुछ भी लिख रहा है कि वह ऐसा था। जब तक हमें मुख्य कारण पता नहीं चलता, तब तक हम पोस्टमॉर्टम नहीं करवाना चाहते थे। हमें मौत का ठोस कारण चाहिए। मैं कई बार कहता था कि भाई तेरे दुश्मन बहुत हैं। तेरे सोशल मीडिया पर कमेंट देखकर लगता था कि लोग तुझे बर्दाश्त नहीं करते। माहौल खराब चल रहा है। हमें बस तेरी सुरक्षा चाहिए थी। वह अमृतसर तक जाता था, पाठ करता था। जिम जाता था, फिर ऑफिस में खाना खाकर सो जाता था।

मर्डर के बाद कार से प्रॉपर्टी डीलर के शव को निकालते हुए लोग।
- कहा था पुलिस का ऑपरेशन सेल: दीपेंद्र ने कहा कि पंजाब पुलिस की जानकारी में आया है कि हत्या से तीन दिन पहले आरोपी चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए थे। कभी होटल तो कभी किसी के घर पर ठहरते थे, लगातार लोकेशन बदल रहे थे। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस, जिसे स्मार्ट पुलिस कहा जाता है, उसका 1966 में बना ऑपरेशन सेल बड़े-बड़े आतंकियों को पकड़ने और देशद्रोही गतिविधियों का खुलासा करने के लिए जाना जाता था। कभी AK-47 पकड़ता था, तो कभी बम बरामद करता था। यह वही ऑपरेशन सेल है, जो जेल की सुरंगों तक का खुलासा कर चुका है। लेकिन पिछले दो साल में पुलिस की इंटेलिजेंस फेल रही है। सेल अपना असली काम छोड़कर छोटे मामलों में उलझा हुआ है। ऐसे में सवाल उठना जरूरी है। हालांकि पहले इसका रिकॉर्ड शानदार रहा है।
- वीआईपी सेक्टरों में इतनी लापरवाही: चंडीगढ़ एक वीआईपी शहर है। पहले 10 सेक्टर वीआईपी माने जाते हैं। लेकिन इन्हीं इलाकों में बड़ी वारदातें हो रही हैं, जिससे पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं। फेज-10 की कोठी में ग्रेनेड हमला हुआ, जो पुलिस को खुली चुनौती थी। अब यह घटना भी सामने आई है। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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चंडीगढ़ में जिम के बाहर मारे गए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी का शुक्रवार (20 मार्च) को पोस्टमॉर्टम हो गया। पोस्टमॉर्टम करीब साढ़े 3 घंटे तक चला। दोपहर बाद 3 बजे पोस्टमॉर्टम शुरू हुआ था। चंडीगढ़ पुलिस के साथ मीटिंग के बाद परिवार ने पोस्टमॉर्टम पर हामी भरी थी। (पढ़ें पूरी खबर)
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