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चंडीगढ़ के रायपुर कलां की गोशाला में बड़ी संख्या में गायों और बछड़ों की मौत के मामले में अब प्रशासनिक बैठकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
सूत्रों के अनुसार नगर निगम आयुक्त अमित कुमार हर हफ्ते तीन बार गोशाला को लेकर बैठक करते थे। कई बार उन्होंने सीधे अधिकारियों से पूछा कि स्थिति कैसी है, जिस पर हर बार यही जवाब दिया गया कि सबकुछ ठीक चल रहा है।
हफ्ते में तीन बार होती थी समीक्षा बैठक
सूत्र बताते हैं कि हफ्ते में कम से कम तीन बार गोशाला को लेकर समीक्षा बैठक होती थी लेकिन बुधवार से पहले किसी भी बैठक में यह जानकारी नहीं दी गई कि गोशाला में मौतें हो रही हैं। कागजों में रायपुरकलां की गोशाला में 350 से 400 गाय थीं। यहां समय-समय पर सरकारी डॉक्टर की विजिट भी होती थी, इसके बावजूद हालात बिगड़ते चले गए।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है। वहीं, जब इस मामले में एमएचओ इंद्रप्रीत कौर को फोन किया गया तो उन्होंने फोन उठाकर बात सुनते ही काट दिया। वहीं, नगर आयुक्त अमित कुमार ने भी इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया।
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चंडीगढ़ की गोशाला में हुआ क्या?: सब ठीक का दावा करते रहे अधिकारी, भीतर मरती रहीं गायें…. अब उठे सवाल


