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चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड ब्लास्ट मामले की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने कबूल किया है कि वारदात के समय उनके पास दो ग्रेनेड थे। इनमें से एक ग्रेनेड कार्यालय के बाहर फेंका गया जबकि दूसरा अपने पास ही रखा और उसी के साथ बस से भाग गए थे।
जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे हैंडलर्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों को कई दिनों तक ग्रेनेड इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी थी। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि हमला किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि दहशत फैलाने के मकसद से किया जाए। इसी कारण कार्यालय के अंदर नहीं, बल्कि बाहर पार्किंग एरिया में ग्रेनेड फेंकने को कहा गया था। वारदात के बाद उसकी वीडियो बनाकर भेजने के निर्देश भी दिए गए थे।
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ग्रेनेड हमले में खुलासा: दो ग्रेनेड लेकर पहुंचे हमलावर, एक भाजपा दफ्तर पर फेंका; दूसरा लेकर बस से हुए फरार


