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ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कहते थे कि इसे हर हाल में हासिल करेंगे, वेनेजुएला जैसे मिलिट्री एक्शन लेंगे, शांति के बारे में नहीं सोचेंगे। लेकिन रातोंरात ट्रम्प का रुख बदल गया है। 21 जनवरी को दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उन्होंने ऐलान किया कि वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करेंगे, लेकिन ताकत से नहीं। ट्रम्प के 75 मिनट के भाषण के बाद माना जा रहा है कि अब अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए मिलिट्री एक्शन या ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा। आखिर क्यों ट्रम्प ग्रीनलैंड पर हमला करने से पीछे हट गए; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में 5 पॉइंट्स में… 1. वर्ल्ड ऑर्डर में अमेरिका की लीडरशिप को खतरा 2. दुनियाभर में एंटी-ट्रम्प माहौल की लामबंदी 3. हमला NATO और UN के नियमों के खिलाफ होगा 4. NATO में अंदरूनी बंटवारे का खतरा 5. अमेरिका में ही ट्रम्प की इस पॉलिसी का विरोध ***** ट्रम्प से जुड़ी ये भी खबर पढ़िए… सालभर में 7 देशों पर हमले, आधी दुनिया पर नजर: ट्रम्प की ‘सनक’ एक सोची-समझी स्ट्रैटजी; जानिए 200 साल पुरानी अमेरिकी डॉक्ट्रिन डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए, राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया और पूरे पश्चिमी हिस्से पर खुला दबदबा जताया। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्रम्प क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि क्यों कर रहे हैं? पूरी खबर पढ़िए…
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ग्रीनलैंड पर रातोंरात पलट क्यों गए ट्रम्प: बोले- ताकत इस्तेमाल नहीं करूंगा; यूरोप की धमकी से डरे या कोई छिपी वजह



