गेहूं चावल नहीं..फरीदाबाद के किसानों ने शुरू की सूरजमुखी की खेती, अब गिन रहे हैं सिर्फ नोट ही नोट…यहां जानिए पूरा तरीका Haryana News & Updates

[ad_1]

फरीदाबाद: फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव में सूरजमुखी की खेती ने स्थानीय किसानों के लिए अच्छी आमदनी का जरिया बना लिया है. यहां के किसान मुकेश सैनी ने 1 एकड़ जमीन पर सूरजमुखी उगाकर अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं. सूरजमुखी की खेती न केवल गांव में रोजगार देती है, बल्कि इसे होटल सजावट और सजावटी उद्देश्यों के लिए बाहर देश-विदेश तक भेजा जाता है. इसकी खेती की सही देखभाल और मेहनत से किसान साल भर लगातार लाभ कमा सकते हैं.

क्या पड़ती है लागत

Local18 से बातचीत में मुकेश सैनी ने बताया कि उनका खेत 18 किला पट्टे पर है, जिसमें उन्होंने 1 एकड़ में सूरजमुखी की खेती की है. उन्होंने बताया कि सबसे पहले खेत को अच्छी तरह तैयार किया जाता है और फिर गुल खींची जाती हैं. इसके बाद बीज चुबाए जाते हैं. सूरजमुखी की फसल लगभग तीन महीने में तैयार हो जाती है. 1 एकड़ में करीब 2 किलो बीज की जरूरत होती है जो दिल्ली की गाजीपुर मंडी से लाया जाता है. बीज की कीमत काफी ज्यादा है लगभग 80 हजार रुपए प्रति किलो.

क्या है खेती का तरीका

मुकेश बताते हैं कि सूरजमुखी की खेती एक साथ पूरे एकड़ में नहीं की जाती. इसे छोटे-छोटे बीघे में लगाना पड़ता है ताकि फसल अच्छे से खिल सके. अभी उन्होंने ढाई बीघा में इसे लगाया है. फसल को सालभर कहीं भी लगाया जा सकता है गर्मियों में भी यह उगाई जा सकती है.

सर्दियों में सिंचाई की कम जरूरत

सिंचाई की बात करें तो सूरजमुखी में 5-6 बार पानी देना पड़ता है और सर्दियों में लगभग महीने में दो बार. खेती में कीट भी लगते हैं, इसलिए समय-समय पर स्प्रे किया जाता है. खाद में जिंक, पोटाश और डीएपी डाली जाती है जबकि यूरिया नहीं डाला जाता.

क्या होता है फायदा

सूरजमुखी की मंडी में कीमत की बात करें तो 5 फूलों की डंडी का एक बंडल लगभग 200 रुपए का बिकता है, यानी 40 रुपए का एक डंडी. इसके कारण लागत आसानी से निकल जाती है और मुनाफा भी अच्छा होता है. मुकेश बताते हैं कि तेल वाला वैरायटी बड़ा होता है जबकि उनके उगाए फूल छोटे वैरायटी के हैं और सजावट के काम आते हैं. इन्हें होटल और अन्य सजावटी प्रयोजनों के लिए भेजा जाता है यहां तक कि विदेश तक भी.

फायदे वाली खेती है सूरजमुखी

सूरजमुखी की खेती से मुकेश सैनी के परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो रही हैं. पट्टे पर 1 एकड़ का 55 हजार रुपए देने के बावजूद फसल से अच्छा मुनाफा होता है. खेतों में बिजली हफ्ते में दिन और रात को 3-3 दिन करके आती हैं जिससे काम में सुविधा रहती है. मेहनत और सही देखभाल से सूरजमुखी की खेती फतेहपुर बिल्लौच गांव के किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बन गई है.

[ad_2]