गीता से ज्ञान लेकर समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं : स्वामी ज्ञानानंद Latest Haryana News

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कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में रविवार को श्री कृष्ण कृपा परिवार जीओ गीता की ओर से विभिन्न नगरों में संचालित समितियों के कार्यकारिणी सदस्यों ने बैठक की। स्वामी ज्ञानानंद के सान्निध्य में हुई बैठक में देशभर में चल रहे सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी वर्ष के लिए व्यापक योजनाओं पर विमर्श किया गया। समितियों के पदाधिकारियों से सुझाव आमंत्रित किए और योजनाबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए प्रेरित किया।

स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि समितियां योजनाएं बनाकर समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करें। गीता का मूल संदेश केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं बल्कि उसको जीवन में उतारकर कर्म के माध्यम से समाजसेवा करना है। प्रत्येक सदस्य जीवन में निष्काम भाव से समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाए। श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार की प्रत्येक संस्था प्रति माह कम से कम एक सामाजिक और आध्यात्मिक प्रकल्प अवश्य संचालित करें। स्वच्छता अभियान, जल सेवा, फल वितरण, गीता पाठ और युवा जागरुकता कार्यक्रम गतिविधियों को प्राथमिकता दें।

उन्होंने समितियों, महिला मंडलों और बाल संस्कार कक्षाओं को निर्देश दिए कि पुरुषोत्तम मास के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार करके लोगों को जोड़ें। श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय को संस्कृत में कंठस्थ करने के लिए प्रेरित किया। स्वामी ज्ञानानंद ने बताया कि स्वामी गीतानंद (वीरजी) के 20 नवंबर जन्मोत्सव से लेकर गीता जयंती 20 दिसंबर तक एक माह की अवधि में प्रत्येक नगर में गीता सम्मान यात्रा करने का निर्णय लिया गया है। गीता को प्रत्येक घर में 24 घंटे के लिए सम्मानपूर्वक विराजित किया जाएगा। संबंधित परिवार और क्षेत्र में गीता पाठ, गीता यज्ञ, सत्संग और आध्यात्मिक चर्चाओं का आयोजन होगा। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ब्रेल लिपि में गीता उपलब्ध कराने के संकल्प को भी विशेष रूप से सराहते हुए प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में संबोधित करते स्वामी ज्ञानानंद। स्वयं

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गीता से ज्ञान लेकर समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं : स्वामी ज्ञानानंद