गिरी-गीली गेहूं की फसल में भी कामयाब मशीन, मुश्किल हालात में किसानों का दोस्त Haryana News & Updates

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गिरी-गीली गेहूं की फसल में भी कामयाब मशीन, मुश्किल हालात में किसानों का दोस्त

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Faridabad News: इन दिनों बारिश की वजह से खेत में लगी गेहूं की फसलें गीली हो गई हैं, जिसके कारण अब उनकी कटाई के लिए किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन फरीदाबाद में एक ऐसी मशीन आई है, जिससे गीली गेहूं की फसल की भी कटाई आसानी से हो जाएगी.

फरीदाबाद: आज के समय में खेती-किसानी भी तेजी से बदल रही है. पहले जहां गेहूं की कटाई पूरी तरह मजदूरों पर निर्भर होती थी, वहीं अब मशीनों ने इस काम को काफी आसान बना दिया है. पहले एक एकड़ गेहूं काटने में 3 से 4 मजदूर लगते थे और इसमें 4 से 5 दिन का समय लग जाता था, लेकिन अब नई मशीनों के आने से वही काम महज एक घंटे में हो रहा है. फरीदाबाद में इन दिनों पंजाब से आई ऐसी ही आधुनिक मशीनें गेहूं की कटाई कर रही हैं, जिससे किसानों को समय और खर्च दोनों में राहत मिल रही है.

Local18 से बातचीत में मशीन मालिक बग्गा ने बताया कि मैं पंजाब से यह मशीन लेकर आया हूं. इस मशीन का नाम प्रीत है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह एक घंटे में एक एकड़ गेहूं काट देती है. यह मशीन डीजल से चलती है. अभी गेहूं की फसल कई जगह बारिश के कारण गिर गई है और गीली भी हो गई है, जिससे मशीन चलाने में थोड़ी दिक्कत आती है और डीजल भी ज्यादा लगता है. जहां सूखी और सीधी फसल होती है, वहां 3 से साढ़े 3 लीटर डीजल में काम हो जाता है. लेकिन गिरी हुई फसल में करीब 5 लीटर डीजल लग रहा है.

मजदूर लगाने की जरूरत नहीं
बग्गा ने बताया कि इस मशीन की एक और बड़ी खासियत यह है कि यह कटाई के साथ-साथ गेहूं और भूसे को अलग भी कर देती है. मशीन गेहूं को साफ करके अपने अंदर ही जमा कर लेती है और भूसा नीचे गिरा देती है. बाद में गेहूं को ट्रॉली में आसानी से खाली किया जा सकता है. इससे किसानों को अलग से मजदूर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है.

एक एकड़ की कटाई में इतने रुपए
मशीन के एक अन्य मालिक हरजीत सिंह ने बताया कि मैं सामान्य तौर पर एक एकड़ की कटाई के लिए 1600 रुपये लेता हूं. लेकिन अभी फसल की स्थिति को देखते हुए 1800 रुपये प्रति एकड़ ले रहे हैं, क्योंकि फसल पूरी तरह से गिरा हुआ है. हरजीत ने बताया इस मशीन की कीमत करीब 32 लाख रुपये है, जबकि मेरे पास जो पुराना मॉडल है, मैंने 12 लाख रुपये में खरीदा था. नई मशीन करतार नाम से फरीदाबाद के दयालपुर गांव में चल रही है.

हरजीत ने बताया कि मैं पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में किसानों के बुलावे पर जाकर गेहूं की कटाई करता हूं. किसान मुझे फोन करके बुलाते हैं और फिर मैं अपनी मशीन लेकर वहां पहुंच जाता हूं. हरजीत ने बताया कि इस मशीन के आने से खेती अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गई है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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