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भिंडी ज्यादा खाने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि इसमें फ्रुक्टेन होता है. जो एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है जो दस्त, एसिडिटी और सूजन का कारण बन सकता है. खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से ही आंत्र संबंधी समस्याएं हैं. भिंडी में ऑक्सालेट भी अधिक मात्रा में होता है, जो किडनी स्टोन का एक प्रमुख तत्व है.

पोषण से भरपूर: यह पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है, जिसमें विटामिन ए, सी और के के अलावा फोलेट भी शामिल है, जो प्रतिरक्षा, दृष्टि और हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है.

ब्लड शुगर को कंट्रोल है: भिंडी रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करके शरीर को लाभ पहुंचाती है. इसमें बहुत कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के साथ-साथ घुलनशील फाइबर होता है. जो रक्त में शर्करा के अवशोषण को कम करने में मदद करता है.

हृदय स्वास्थ्य: इसमें घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है. जिससे हृदय रोग विकसित होने की संभावना कम हो जाती है.

Published at : 15 Dec 2024 05:12 PM (IST)
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