करनाल में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को सुनाई 20 साल की सजा, बच्ची से जबरन गलत काम और धमकी देने का था मामला – Karnal News Chandigarh News Updates

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हाईकोर्ट के बाहर की प्रतीकात्मक फोटो।

करनाल के असंध थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने दोषी को लंबी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कड़ी कैद और जुर्माने की सजा तय की। जांच, मेडिकल, गवाहो

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फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने सुनाया फैसला जिला न्यायवादी डॉक्टर पंकज सैनी ने बताया कि इस मामले की पैरवी उप न्यायवादी अमन कौशिक ने की। अमन कौशिक ने बताया कि यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सह फास्ट ट्रैक विशेष अदालत की जज गुनीत अरोड़ा ने सुनाया। अदालत ने आरोपी दीपक को घर में घुसकर डराने, धमकाने और नाबालिग के साथ गंभीर अपराध का दोषी ठहराया। सजा के आदेश के बाद अदालत ने जिला जेल करनाल के अधीक्षक को वारंट भेजकर आरोपी को सजा के अनुसार जेल में रखने के निर्देश दिए।

20 साल की कैद और जुर्माने की सजा, सभी सजाएं साथ चलेंगी अदालत ने गंभीर अपराध के लिए 20 साल की साधारण कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा घर में जबरन घुसने के मामले में 5 साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना, जबकि धमकी देने के मामले में 6 महीने की कैद दी गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद भी भुगतनी होगी।

मां ने अस्पताल में जांच के बाद दर्ज कराई थी शिकायत मामले की शुरुआत तब हुई जब गांव की एक महिला अपनी छोटी बेटी को इलाज के लिए असंध के निजी अस्पताल में लेकर गई। बच्ची कुछ समय से डरी-सहमी रहती थी और पेट दर्द की शिकायत थी। इसके बाद उसे अल्ट्रासाउंड केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने बच्ची के गर्भवती होने की जानकारी दी। तब मां ने बच्ची से पूछताछ की, जिस पर बच्ची ने पूरी घटना बताई। इसके बाद महिला थाना असंध में 10 अगस्त 2020 को शिकायत दी गई और पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया।

जानकारी देते उप न्यायवादी अमन कौशिक।

बाड़े में टीवी देखते समय हुआ था पहला हमला बच्ची ने अपनी मां को बताया था कि करीब चार-पांच माह पहले वह शाम के समय अपने पशुओं के बाड़े में बैठक में टीवी देख रही थी। उसी दौरान दीपक वहां आया और जबरदस्ती गलत काम किया। आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी, जिससे बच्ची डर गई। इसके बाद भी आरोपी ने दो-तीन बार उसी तरह की हरकत की।

पुलिस ने जन्म प्रमाण पत्र, बयान और मेडिकल से जुटाए सबूत शिकायत के बाद पुलिस ने बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र कब्जे में लिया, जिससे उसकी उम्र नाबालिग साबित हुई। अदालत के सामने बयान दर्ज कराए गए। असंध के सरकारी अस्पताल में बच्ची का मेडिकल कराया गया और जरूरी सैंपल सुरक्षित किए गए। इसके बाद करनाल के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें बच्ची के 21 सप्ताह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

घटना स्थल का नक्शा, गवाहों के बयान और आरोपी की निशानदेही पुलिस ने मौके पर जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और नक्शा तैयार किया। गवाहों के बयान दर्ज किए गए। आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर घटना स्थल की पुष्टि कराई गई। आरोपी का भी मेडिकल कराया गया और आवश्यक सैंपल लिए गए। सभी सबूत मालखाने में जमा कराए गए और वैज्ञानिक जांच के लिए भेजे गए।

हाईकोर्ट के आदेश पर मेडिकल कॉलेज में कराया गया गर्भपात बच्ची के गर्भ को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा गर्भपात कराया गया। वहां से लिए गए सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बच्ची को उसके परिवार के सुपुर्द किया गया और सुरक्षा का ध्यान रखा गया।

पूरी जांच के बाद अदालत में पेश हुआ चालान पुलिस ने सभी मेडिकल रिपोर्ट, वैज्ञानिक जांच, गवाहों के बयान और दस्तावेज जुटाकर अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सभी सबूत अदालत के सामने रखे। बचाव पक्ष की दलीलों के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई।

जेल अधीक्षक को भेजा गया वारंट, सजा तुरंत लागू फैसले के बाद अदालत ने जिला जेल करनाल के अधीक्षक को वारंट भेजा, जिसमें आरोपी दीपक को सजा के अनुसार जेल में रखने के निर्देश दिए गए। अदालत ने यह भी कहा कि जांच और सुनवाई के दौरान जेल में बिताया गया समय सजा में जोड़ा जाएगा।

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करनाल में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को सुनाई 20 साल की सजा, बच्ची से जबरन गलत काम और धमकी देने का था मामला – Karnal News