एपस्टीन फाइल्स- ब्रिटिश पीएम की कुर्सी जाने का खतरा: यौन अपराधी के समर्थक को अमेरिकी राजदूत बनाने पर विवाद, विपक्ष बोला- स्टार्मर गलती मानें Today World News

[ad_1]


ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार मुश्किल में फंस गई है। एपस्टीन फाइल से जुड़े विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा। मैकस्वीनी पर आरोप है कि उन्होंने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का समर्थन करने वाले पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाकर भेजा था। मैकस्वीनी ने कहा कि यह नियुक्ति गलत थी। मैकस्वीनी ने माना कि उन्हें पता था कि मंडेलसन ने जेफ्री एपस्टीन का जेल जाने के बाद भी समर्थन किया था। मंडेलसन पर ये भी आरोप है कि उन्होंने ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी रहते हुए एपस्टीन को मार्केट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शेयर की थी। मैकस्वीनी ने कहा कि इस फैसले से पार्टी, देश और राजनीति पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। वहीं विपक्ष का कहना है पीएम स्टार्मर को मामले की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना चाहिए। मैकस्वीनी को ब्रिटिश पीएम का दिमाग कहा जाता है मैकस्वीनी को स्टार्मर का सबसे मजबूत सहारा माना जाता था। उन्हें प्रधानमंत्री का ‘दिमाग’ कहा जाता है और सत्ता तक पहुंचाने में उनकी बड़ी भूमिका रही। उनके जाने के बाद लेबर पार्टी के सांसद खुलकर पूछ रहे हैं कि अब स्टार्मर कितने दिन टिक पाएंगे। पार्टी के वामपंथी धड़े ने सीधे प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग कर दी है। पूर्व कैंपेन प्रमुख जॉन ट्रिकेट ने कहा कि जिम्मेदारी ऊपर तक जाती है। सांसद ब्रायन लीशमैन ने कहा कि पार्टी की दिशा बदलनी है और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री से होनी चाहिए। सांसद किम जॉनसन ने स्टार्मर के लिए हालात संभालना मुश्किल हो गया है, जबकि रैचेल मास्केल ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। PM स्टार्मर देश को संबोधित कर सकते हैं इस पूरे विवाद के बीच पीएम स्टार्मर देश को संबोधित करने की तैयारी कर रहे हैं। वे राजनीति को साफ करने की बात रखेंगे और यह संकेत देंगे कि वह इस्तीफा नहीं देने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रधानमंत्री आज लेबर सांसदों की बैठक में भी बात रखेंगे। इधर, पार्टी के अंदर लीडरशिप की रेस तेज हो गई है। उपप्रधानमंत्री एंजेला रेनर और स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग के नाम चर्चा में हैं। विदेश मंत्री डेविड लैमी ने साफ किया है कि उन्होंने मंडेलसन की नियुक्ति का विरोध किया था। ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड को संभावित किंगमेकर बताया जा रहा है। स्टार्मर के समर्थक चेतावनी दे रहे हैं कि बड़ी चुनावी जीत के सिर्फ 18 महीने बाद प्रधानमंत्री को हटाने से देश और पार्टी दोनों में भारी अस्थिरता आ सकती है। वर्क एंड पेंशन सेक्रेटरी पैट मैकफैडन ने कहा कि इससे आर्थिक और राजनीतिक अराजकता फैल सकती है। स्टार्मर पर गलती का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने आरोप विपक्षी कंजर्वेटिव नेता केमी बेडेनोक ने कहा कि असली जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की है। उनका आरोप है कि स्टार्मर हर बार गलती का ठीकरा दूसरों पर फोड़ देते हैं। PM स्टार्मर के कार्यकाल में दूसरे चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा है। इससे पहले 2024 के चुनाव के बाद सू ग्रे को हटाया गया था। मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद जिल काथबर्टसन और विध्या अलकेसन को कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है। मैकस्वीनी के करीबी मानते हैं कि उन्हें हटाना बड़ी गलती थी। एक नेता ने कहा, यह अपनी ही टीम के सबसे मजबूत खिलाड़ी को बाहर करने जैसा है। कुछ सांसदों को डर है कि उनके जाने से पार्टी और ज्यादा वामपंथी रास्ते पर चली जाएगी। मार्क जुकरबर्ग और इलॉन मस्क की तस्वीर से विवाद ब्रिटेन में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच अमेरिका में भी एपस्टीन फाइल्स की एक नई तस्वीर ने हलचल मचा दी है। इसमें सिलिकॉन वैली के बड़े टेक कारोबारी एक साथ डिनर करते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग, टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक इलॉन मस्क, पेपाल के को-फाउंडर पीटर थील और MIT मीडिया लैब के पूर्व डायरेक्टर जोई इतो दिख रहे हैं। यह फोटो साल 2015 की बताई जा रही है। बताया गया है कि यह वही डिनर है, जिसे यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने खुद ‘वाइल्ड डिनर’ कहा था। एपस्टीन ने यह तस्वीर अगस्त 2015 में खुद को ईमेल की थी और इसे फ्रेम कराकर अपने न्यूयॉर्क स्थित अपार्टमेंट में लगा रखा था। एपस्टीन ने डिनर को ‘वाइल्ड’ बताया था जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइलों के मुताबिक, 2 अगस्त 2015 को एपस्टीन ने अपने दोस्त पीटर एटिया को ईमेल भेजकर लिखा था कि उस रात एलन मस्क, पीटर थील और मार्क जुकरबर्ग के साथ डिनर है। जवाब में एटिया ने लिखा था कि यह शानदार डिनर लग रहा है। इसके कुछ दिनों बाद, 20 अगस्त 2015 को एपस्टीन ने अरबपति टॉम प्रिट्जकर को एक और ईमेल भेजा, जिसमें उसने इस डिनर को ‘वाइल्ड’ बताया। इलॉन मस्क का नाम पहले भी एपस्टीन फाइल्स में आ चुका है। 2012 के एक ईमेल में मस्क ने एपस्टीन से पूछा था कि उसके आइलैंड पर सबसे ‘वाइल्ड पार्टी’ किस दिन होगी। यह मेल उस सवाल के जवाब में था, जिसमें एपस्टीन ने आइलैंड पर जाने वालों की संख्या पूछी थी। ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक एपस्टीन फाइल्स के नए खुलासे सामने आने के बाद अब एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि दुनिया के सबसे ताकतवर और अमीर लोगों के एपस्टीन से रिश्ते कितने गहरे थे। ——————– यह खबर भी पढ़ें… एपस्टीन फाइल्स-10 देशों में इस्तीफे, 80 ताकतवर लोगों की जांच:अमेरिका से यूरोप तक असर; राजनेताओं-अरबपतियों और शाही परिवारों तक फैली जांच अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े सीक्रेट दस्तावेज सामने आते ही दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स 30 जनवरी को जारी किए हैं। इसके बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा है। 80 से ज्यादा ताकतवर लोगों पर जांच चल रही है। पढ़ें पूरी खबर…

[ad_2]
एपस्टीन फाइल्स- ब्रिटिश पीएम की कुर्सी जाने का खतरा: यौन अपराधी के समर्थक को अमेरिकी राजदूत बनाने पर विवाद, विपक्ष बोला- स्टार्मर गलती मानें