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अगर आप सोमवार की सुबह ऑफिस में प्रवेश कर रहे हैं और अपना साप्ताहिक कामकाज शुरू करने के लिए कंप्यूटर ऑन करने वाले हैं तो आपको चेतावनी दे दूं कि एआई आपकी नौकरी के पीछे पड़ा है। यह मैं नहीं कह रहा, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट में एआई हेड मुस्तफा सुलेमान मानते हैं कि अगले 12 से 18 महीनों में ही ज्यादातर व्हाइट कॉलर काम ऑटोमेटेड हो जाएंगे। इस क्षेत्र में कुछ डराने वाले घटनाक्रम हो रहे हैं। एंथ्रोपिक नामक कंपनी को ही लीजिए। इसे 2021 में डारियो अमोडेई (सीईओ), डेनिएला अमोडेई (प्रेसिडेंट) और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने शुरू किया था। इसके संस्थापक पहले ओपनएआई में काम करते थे, लेकिन कंपनी की दिशा को लेकर, खासकर एआई सुरक्षा और इसके व्यवसायीकरण को लेकर मतभेदों के कारण उन्होंने इसे छोड़ दिया। एंथ्रोपिक को एक पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन (पीबीसी) के रूप में स्थापित किया गया, जिसका फोकस एआई सेफ्टी एंड रिसर्च पर था। इसका लक्ष्य भरोसेमंद और नियंत्रित हो सकने वाले एआई सिस्टम बनाना था। यह कंपनी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स की क्लॉड फैमिली विकसित करने के लिए सुप्रसिद्ध है। लेकिन इसी महीने एक चौंकाने वाली घटना हुई। कैम्ब्रिज से कंप्यूटर इंजीनियरिंग और ऑक्सफोर्ड से टेक्नोलॉजी में पीएचडी करने वाले कंपनी के सीनियर डेवलपर मृणांक शर्मा ने यह कहते हुए नौकरी छोड़ दी कि दुनिया खतरे में है। शर्मा अब पोएट्री में डिग्री लेने की सोच रहे हैं। इसने मुझे सोचने पर मजबूर किया कि आखिर कौन से कॅरिअर भविष्य में सुरक्षित हो सकते हैं। कुछेक यहां पेश हैं। हाथों की कुशलता पर आधारित सारे काम फिलहाल सुरक्षित हैं। नर्स, शिक्षक, वेटर, हेयरड्रेसर, किसान, शेफ, फिजियो, आंत्रप्रेन्योर, पत्रकार और पशु चिकित्सक का काम अगले कुछ दशकों तक सुरक्षित दिखाई देता हैं। हम सोचते थे कि रोबोट ऐसे काम कर लेंगे, लेकिन आज तक ऐसा रोबोट नहीं बना, जो चाय गिराए बिना कप उठा सके। कुछेक शुरुआती किचन रोबोट हैं, लेकिन वे मदद से ज्यादा मनोरंजन का साधन लगते हैं। पांच दशक पहले अनुमान लगाया गया था कि टीचिंग मशीनें शिक्षकों की नौकरियां ले लेंगी। लेकिन वे विफल हुईं, क्योंकि वे गणित और वर्तनी जैसी बुनियादी चीजों पर काम करती थीं। मशीनें शिक्षा के लिए अनिवार्य जिज्ञासा, चर्चा, रचनात्मकता और सोशल लर्निंग जैसी चीजें पैदा करने में असफल रहीं। बच्चे जल्दी ऊबने और भ्रमित होने लगे। प्लानिंग डिपार्टमेंट के शिक्षकों को महसूस हुआ कि एक अच्छे टीचर के मानवीय दृष्टिकोण की नकल नहीं की जा सकती। जहां तक पत्रकारों की बात है तो एआई अभी भी पुरानी खबरों की री-पैकेजिंग ही कर रहा है और नया नजरिया देने में अक्षम है। ये तो इंसान की ही खासियत है। एआई कभी भी जिज्ञासु, हास्यपूर्ण या नैतिक साहस रखने वाले लेखकों की जगह नहीं ले सकता। एआई कभी उनको नहीं हरा सकता, जिनके पास सांस्कृतिक समझ और घटनाक्रमों पर अपना नजरिया होता है। ये मशीनें बस साहित्यिक कचरे की बाढ़ ला सकती हैं। आंत्रप्रेन्योरशिप पूरी तरह रचनात्मकता और ऑब्जर्वेशन स्किल पर आधारित है, जिसमें पहले मार्केट गैप और लोगों की समस्या पहचानी जाती है और फिर इसे हल करने वाला प्रोडक्ट बनाया जाता है। समझदारी से इसे प्रचारित कर बाजार में उतारा जाता है। कंप्यूटर कभी भी ब्रेड की टोस्टिंग के विविध प्रकार और आपकी पसंद के अनुसार इसे परोसने के तरीके नहीं समझ पाएगा। पशु चिकित्सक की नौकरी एआई से सर्वाधिक सुरक्षित है। क्योंकि आप और मैं तो एआई डॉक्टर को अपनी समस्या बता सकते हैं, लेकिन हमारे कैट और डॉगी यह नहीं कर सकते। इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और कारपेंटरों के पास भी तयशुदा तौर पर कमाई वाला भविष्य है। विशेषज्ञों को लगता है कि घरों और कॉलोनियों में लंबी पाइपलाइनों में लीकेज ढूंढ़ने या कई पाइपों में से लीक पाइप को बदलने जैसे काम ऑटोमेट कर पाना नामुमकिन है। हॉस्पिटैलिटी भी सुरक्षित क्षेत्र है, जहां एआई आधारित रोबोट लोगों से बातचीत करने, स्पर्श करने के कारण आकर्षक और सजावटी तो बन सकते हैं- लेकिन इंसानों की जगह कभी नहीं ले पाएंगे। फंडा यह है कि यदि आप एआई को हरा नहीं सकते तो उसे ज्वॉइन कर लो। मेरा मतलब है कि एआई को अपना कॅरिअर बना लो।
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एन. रघुरामन का कॉलम: कुछ एआई-प्रूफ कॅरिअर हैं- क्या आपका काम भी इस सूची में शामिल है?




