एन. रघुरामन का कॉलम: काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है Politics & News

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दुनिया में बेहतर अवसर तलाश रहे ज्यादातर लोगों के लिए विदेशों में रहना और वहां काम करना लोकप्रिय फंतासी रहा है। आप भी अगर अमेरिका जैसे देश में काम करने का सपना देख रहे हैं तो ऐसे आप अकेले नहीं हैं। अमेरिकी कामकाजी जीवन की ‘रिस्क-रिवार्ड’ प्रकृति दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती है। लेकिन यह जानने में भी क्या हर्ज है कि कुछ अमेरिकी कहां काम करना चाहते हैं? साथ ही, आप चिंतित हैं कि एआई आपकी नौकरी समेत कई नौकरियां खत्म कर रहा है, तो आपको यह भी जानना चाहिए कि एआई कितनी नई नौकरियां पैदा कर रहा है। किसी भी चीज के दोनों पहलू जानना सही फैसला लेने में मदद करता है। तो चलिए शुरू करते हैं। स्वयं अमेरिकी अपने ड्रीम जॉब के लिए विदेश जाने पर विचार कर रहे हैं। दुनिया के प्रख्यात विश्वविद्यालयों के लिए जाने-माने मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज में बीते वीकेंड साइंस और टेक्नोलॉजी के दो दर्जन से ज्यादा पेशेवरों ने एक नए विषय पर चर्चा की और पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन बनाया। विषय था- वे फिनलैंड में कैसे कॅरिअर री-स्टार्ट कर सकते हैं। उन्होंने फिनलैंड को इसलिए नहीं चुना कि नॉर्डिक देशों (डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन के साथ ग्रीनलैंड, फेरो आइलैंड्स और ऑलैंड जैसे स्वायत्त क्षेत्र) में से एक इस देश के आर्थिक मामलात और रोजगार मंत्रालय ने प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने के लिए रियायती दरों पर स्वास्थ्य और चाइल्ड केयर सेवाएं एवं दो हफ्तों में रेजिडेंस परमिट देने का प्रोग्राम लॉन्च किया है। इसलिए भी नहीं कि फिनलैंड के राजनयिक जार्मो सारेवा ने अमेरिकी बुद्धिजीवियों को वीडियो मैसेज में कहा कि ‘जो शोधकर्ता और वैज्ञानिक वैश्विक प्रभाव डालने वाली तकनीक बनाना चाहते हैं और ऐसा वे एक ‘स्थिर’ और प्रगतिशील माहौल में करना चाहते हैं, तो उनके लिए फिनलैंड बेहतर विकल्प है।’ उनके ‘स्थिर’ शब्द ने उन दो दर्जन वैज्ञानिकों में से ज्यादातर को प्रभावित किया, क्योंकि यह दावा दुनिया के सबसे खुशहाल देश फिनलैंड की खासियत को और मजबूती देता है। सा​थ ही, यदि आप यह सोचने वाले व्हाइट कॉलर नौकरीपेशा हैं कि एआई आपकी नौकरी समाप्त कर देगा तो आपको यह भी जानना जरूरी है कि एआई बड़ी संख्या में नए कॅरिअर पैदा कर रहा है। लिंक्डइन का विश्लेषण कहता है कि अकेले अमेरिका में एआई ने 2023 से 2025 के बीच 6.40 लाख नौकरियां पैदा की। ये ‘हेड ऑफ एआई’ और ‘एआई इंजीनियर’ जैसे व्हाइट कॉलर जॉब्स हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्षों में ‘हेड ऑफ एआई’ की इकलौती नौकरी की संख्या 2.25 लाख से ज्यादा रही। दूसरी तेजी से बढ़ती नौकरी है- ‘डेटा एनोटेटर’, हालांकि यह अकसर पार्ट-टाइम होती है। यह पद मशीन लर्निंग मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए डेटा (टेक्स्ट, इमेज, वीडियो, ऑडियो) को लेबल, वर्गीकृत और व्यवस्थित करने के लिए जिम्मेदार है। इसके मुख्य दायित्वों में बाउंडिंग बॉक्स लगाना, तस्वीरों को सेगमेंट करना, टेक्स्ट ट्रांस्क्राइब करना और डेटा की निरंतरता बनाए रखना है। इसके लिए बारीकियों पर ध्यान देने की मजबूत क्षमता और एनोटेशन टूल्स की दक्षता जरूरी है। ऊपर बताए आंकड़ों में निर्माण संबंधी वो अस्थायी नौकरियां शामिल नहीं हैं, जो एआई के लिए जरूरी विशाल डेटा सेंटर बनाती हैं। तेजी से उभर रही ये नौकरियां एआई को बेहतर प्रदर्शन करने और ज्यादा काम अपने हाथ में लेने के लिए प्रशिक्षित करने में मददगार हैं। ये इंसानों को भी काम में एआई के इस्तेमाल में मदद करती हैं। भले ही ये नौकरियां सीधे तौर पर एआई कंपनियों में हों, लेकिन इनका इस्तेमाल एआई-एजुकेशन, फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थकेयर इंडस्ट्री तक हो सकता है। प्रमुख अर्थशास्त्रियों का मानना है कि फिलहाल हम इस खेल की शुरुआत में हैं। अभी साफ नहीं कि एआई प्रबंधन में कंपनियों को कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी। डेटा एनोटेटर जैसा गिग जॉब भविष्य में कंपनियों में स्थायी नौकरी बन सकता है। फंडा यह है कि ये वक्त अपने काम को फिर से परिभाषित करने का है। यदि आपके पास एआई तकनीक को अपने साथियों और क्लाइंट्स को आसान तरीके से समझाने की स्किल है तो आप अगले कुछ वर्षों तक खुश रहेंगे और आपको ​विदेश जाने की जरूरत नहीं। एआई आपकी नौकरी को खतरा नहीं बन सकता।

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एन. रघुरामन का कॉलम: काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है