ग्रेजुएशन के बाद लाखों छात्रों की इच्छा MBA करने की होती है। वह अपने करियर को लॉन्ग टर्म के लिए सही दिशा देना चाहते हैं। लेकिन उनके सामने दुविधा है कि AI उनकी MBA स्किल को रिप्लेस कर देगा। उन्हें इंडस्ट्री में टिकने नहीं देगा। क्या रियल में ऐसा है? क्योंकि बड़े रिक्रूटर्स MBA ग्रेजुएट्स को भारी पैकेज के साथ हायर कर रहे हैं। सवाल है कि ये कौन छात्र हैं? इनमें ऐसा कौन सा हुनर है? जहां टेक्नोलॉजी है वहां बदलाव होगा, जरूरत है खुद को बदलने की। अगर AI चुनौती है तो ऐसी स्किल्स में महारत हासिल की जाए, जिन्हें वह रेप्लिकेट न कर पाए। सवाल है कि क्या भारत में मैनेजमेंट छात्रों को इस तरह की ट्रेनिंग दी जा रही है? Jaipuria Institute of Management भारत का पहला AI Native बी-स्कूल है, जहां सब्जेक्ट के बजाय पूरे करिकुलम में AI को इंटीग्रेट किया गया है। जयपुरिया में AI को एक अलग सब्जेक्ट के तौर पर नहीं देखा गया, इसे सीखने और काम करने के तरीकों में शामिल किया गया है। अपनी इंटर्नशिप के दौरान, मैं सिर्फ प्रोसेस को ऑब्जर्व नहीं कर रहा थी, मैं डेटा और AI टूल्स का इस्तेमाल करके मेजरेबल आउटकम वाले रियल प्रोजेक्ट्स में योगदान दे रही थी। – उर्वशी (PGDM 2024-26, Nestle India) विजनरी एंटरप्रेन्योर और युवाओं के रोल मॉडल स्टीव जॉब कहते हैं, “टेक्नोलॉजी अलोन इज नॉट एनफ।” इसका मतलब है कि प्रोडक्टिविटी या समाज के भले के लिए टेक्नोलॉजी को कल्चर, स्ट्रैटेजी, एथिक्स और ह्यूमैनिटीज जैसे ह्यूमन एलिमेंट के साथ इंटीग्रेट करने की जरूरत है। इसके लिए स्किल्ड और क्लियर विजन वाले लोगों की जरूरत होगी। कंपनियां ऐसे MBA ग्रेजुएट्स को रिक्रूट कर रही हैं, जो ह्यूमन जजमेंट को टेक्निकल फ्लुएंसी के साथ आसानी से इंटीग्रेट कर पाए। जिनके लिए AI एक टूल से बढ़कर हो। वह इसका इस्तेमाल स्ट्रैटेजिक और ह्यूमन सेंट्रिक आउटकम में करे। कंपनियां ऐसे ही स्किल लोगों को हाईएस्ट पैकेज देकर हायर कर रही हैं। संस्थान के तीन पीलर्स हैं – स्टूडेंट फर्स्ट, AI नेटिव और करियर रेडी जयपुरिया का पिछले साल का प्लेसमेंट पैकेज ₹36.7 LPA रहा। इतना बड़ा पैकेज पाने के पीछे संस्थान के तीन पीलर्स हैं – स्टूडेंट फर्स्ट, AI नेटिव और करियर रेडी। स्टूडेंट फर्स्ट – 100 घंटे से ज्यादा छात्रों पर पर्सनलाइज्ड मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे उनकी स्ट्रेंथ और वीकनेस का पता चलता है। इससे उनके परफॉर्मेंस को ट्रैक करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, 53 क्लबों के जरिए उनको लीडरशिप की ट्रेनिंग दी जाती है। AI नेटिव – जयपुरिया भारत का पहला AI नेटिव बी-स्कूल है, जहां AI एक कोर सब्जेक्ट है। छात्र AI प्लेटफॉर्म जैसे स्क्रिप्ट, रिहर्स, शोरनर और जयपुरिया AI स्पेस का इस्तेमाल करके अपनी परफॉर्मेंस को इवैल्यूएट करते हैं। इस तरह के प्लेटफॉर्म रिसर्च, रिपोर्ट, डेटा एनालाइज, केस स्टडी, ड्राफ्ट स्ट्रेटजी डेक और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के काम में छात्रों की मदद करते हैं।संस्थान में छात्रों की प्लेसमेंट ग्रूमिंग होती है करियर रेडी – संस्थान में छात्रों की प्लेसमेंट ग्रूमिंग होती है, जिससे उन्हें 275+ रिक्रूटर्स में प्लेसमेंट पाने का मौका मिलता है। इसमें शामिल है – ब्लैकरॉक, BNY मेलन, डेलॉइट, जेनपैक्ट, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया, HUL, कोलगेट-पामोलिव, फेरेरो, महिंद्रा फाइनेंस, TVS मोटर कंपनी, लैंडमार्क ग्रुप और नायका फैशन। जयपुरिया में डाइवर्सिटी और इनोवेशन पर ध्यान दिया जाता है। इसने मुझे ग्लोबल वर्कप्लेस के लिए तैयार किया। एक्सपीरियंशियल लर्निंग अप्रोच से न सिर्फ मैंने कॉन्सेप्ट सीखे, बल्कि यह भी सीखा कि प्लेसमेंट के दौरान उन्हें कॉन्फिडेंस के साथ कैसे अप्लाई किया जाए। – विशाखा (PGDM 2024-26, BlackRock) जयपुरिया के छात्र सीनियर एनालिस्ट और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, बिजनेस एनालिस्ट और एडवाइजरी, एरिया सेल्स मैनेजर और रिटेल/मैन्युफैक्चरिंग में ऑपरेशन मैनेजर के रूप में अलग-अलग सेक्टर में अपनी कुशलता और श्रेष्ठता का परिचय दे रहे हैं। ये सेक्टर है – फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग, कंसल्टिंग और एनालिटिक्स, मार्केटिंग और सेल्स लीडरशिप, ऑपरेशन और रिटेल, IT/ITES और न्यू-एज फर्म्स। अलग-अलग सेक्टर्स में छात्रों की उपस्थिति यह दिखाती है कि संस्थान छात्रों की आधुनिक शिक्षा, होलिस्टिक डेवलपमेंट, कॉन्फिडेंस बिल्डिंग और उनके पोटेंशियल को पहचान कर उसे निखारने में भरोसा करता है। वर्तमान में इंटरनेशनल रोल के लिए जयपुरिया का हाईएस्ट पैकेज ₹24.1 LPA है। संस्थान का 100% SIP (Summer Internship Project) प्लेसमेंट है, जहां छात्रों को इंटर्नशिप में ₹35K एवरेज स्टाइपेंड मिलता है।
स्किल-बेस्ड एजुकेशन MBA करने वाले छात्र का सबसे बड़ा डर है, AI की वजह से उसकी डिग्री बेकार हो जाएगी। ऑनलाइन AI पर सर्टिफिकेट देने वाले ढेरों मिल जाएंगे, लेकिन क्या उस नॉलेज का इस्तेमाल करके बड़ी कंपनियों में हाईएस्ट पैकेज हासिल किया जा सकता है। आज छात्र प्रूवन आउटकम पर फोकस कर रहे हैं। उनके लिए MBA नॉलेज-बेस्ड एजुकेशन नहीं, बल्कि एक स्किल-बेस्ड एजुकेशन है, जहां टेक स्किल के साथ स्ट्रेटेजिक लीडरशिप सिखाई जाए। जयपुरिया के करिकुलम में AI ट्रेडिशनल MBA की वैल्यू को बदल रहा है, जहां छात्र एंटरप्राइज AI टूल्स और इरिप्लेसेबल ह्यूमन जजमेंट दोनों में विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं। क्योंकि स्किल एल्गोरिदम ऐसी चीज है, जिसको रिप्लेस नहीं किया जा सकता है। पिछले साल का हाईएस्ट पैकेज ₹36.7 LPA इन सबका परिणाम छात्रों को प्लेसमेंट में दिखाई देता है। पिछले साल का ₹36.7 LPA हाईएस्ट पैकेज एक बेंचमार्क था। इस साल चल रहे प्लेसमेंट में ₹24.1 LPA हाईएस्ट CTC है, जो यह साबित करता है कि यह एक पैटर्न है, किस्मत नहीं। जयपुरिया नोएडा के डायरेक्टर डॉ. सुभज्योति रे कहते हैं, “जब हमारे स्टूडेंट्स वही एंटरप्राइज AI टूल्स इस्तेमाल करते हैं जिन पर ग्लोबल कंपनियां भरोसा करती हैं, तो आउटकम दिखता है। रिक्रूटर हर साल वापस आते हैं क्योंकि हमारे ग्रेजुएट सिर्फ डेटा एनालाइज नहीं करते- वे क्लियरिटी और अकाउंटेबिलिटी के साथ बड़े फैसले लेते हैं।” NAAC से A+ ग्रेड मिला National Institutional Ranking Framework (NIRF) 2025 में जयपुरिया नोएडा 41वें, लखनऊ 67वें, जयपुर 74वें, इंदौर 101-125वें स्थान पर हैं। AACSB मेंबर के रूप में यह भारत के टॉप 1% और दुनिया भर के टॉप 6% में आता है। इसका PGDM कोर्स AIU द्वारा रिकॉग्नाइज्ड है। इसे NAAC द्वारा A+ का ग्रेड मिला हुआ है। संस्थान के 16,000 से ज्यादा एलुमिनाई और 150+ ज्यादा फैकल्टी है। ज्यादा जानकारी के लिए www.jaipuria.ac.in पर विजिट करें।
Source: https://www.bhaskar.com/g/national/news/ai-vs-mba-skills-high-paying-jobs-recruiters-137104583.html




