[ad_1]
Last Updated:
Faridabad News: सर्दियों में गुड़ की मांग तेजी से बढ़ जाती है, क्योंकि यह शरीर को गर्म रखता है और सेहत के लिए फायदेमंद होता है. लेकिन बढ़ती मांग के साथ नकली गुड़ भी बाजार में आने लगा है. असली गुड़ का रंग हल्का भूरा होता है, वह धीरे-धीरे पानी में घुलता है और छूने पर हल्का चिपचिपा होता है. सेहत के लिए हमेशा असली गुड़ ही चुनें.
सर्दियों की शुरुआत होते ही फरीदाबाद के बाजारों में गुड़ की बिक्री तेजी से बढ़ जाती है. लोग इसे चाय, लड्डू और खाना बनाने में खूब इस्तेमाल करते हैं. गुड़ न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि शरीर को गर्म रखकर सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है.

बढ़ती मांग के साथ बाजार में नकली गुड़ भी बिकने लगा है. ऐसे गुड़ में चीनी, रंग या केमिकल मिलाया जाता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. इसलिए असली और नकली गुड़ की पहचान करना जरूरी है.

असली गुड़ का रंग गहरा भूरा या हल्का सुनहरा होता है, जबकि नकली गुड़ बहुत ज्यादा चमकदार दिखता है. अगर गुड़ का रंग एकदम एकसमान और कृत्रिम लगे तो समझ लें कि उसमें मिलावट है.

गुड़ का छोटा टुकड़ा गुनगुने पानी में डालें. असली गुड़ धीरे-धीरे घुलकर पानी को हल्का भूरा कर देगा. अगर पानी साफ रहे या नीचे सफेद परत दिखे तो वह नकली या रासायनिक गुड़ है.

एक चम्मच पर गुड़ रखकर हल्की आग के पास करें. असली गुड़ बिना तेज गंध या धुएं के पिघलता है, जबकि नकली गुड़ से काला धुआं और रासायनिक गंध निकलती है.

असली गुड़ को छूने पर यह हल्का चिपचिपा और थोड़ा खुरदुरा लगता है. वहीं नकली गुड़ बहुत चिकना और चमकदार दिखाई देता है. असली गुड़ में प्राकृतिक नमी रहती है.

रोजाना असली गुड़ का सेवन शरीर को ऊर्जा देता है और खून को साफ रखने में मदद करता है. इसलिए खरीदारी करते वक्त थोड़ी जांच जरूर करें ताकि सेहत बनी रहे और स्वाद भी बरकरार.
[ad_2]


