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दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय में एलपीएस बोसार्ड के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली 28 महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य ममता यादव ने विजेताओं को सम्मानित किया गया।
सुपवा कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा, निर्णायक मंडल सदस्य पूजा आहुजा, अंजवी हुड्डा व जयश्री सकूनिया के साथ विजेताओं को ताज पहना कर सम्मानित किया। उद्योगपति राजेश जैन ने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं का अहम योगदान है। हर युद्ध में महिलाओं की पहचान बखूबी याद की जाती है। संगीतकार लता मंगेशकर ने भी युद्ध के समय सैनिकों में जोश भरने के लिए गीत गुनगुनाए थे।
इसी तरह अब दुनिया में चल रहे वैश्विक युद्ध के दौरान भी देश की महिलाएं हर क्षेत्र में समाज सेवा की भावना से श्रेष्ठ काम कर रहीं हैं। भारतीय संस्कृति में लिंग आधार पर बात नहीं की जाती है। जब भी महिलाओं के सम्मान की बात होती है, भारत सबसे से आगे रहता है।
हर महिला जन्म के बाद से अपने घर की विशेष है। बेटी, बहन, पत्नी, बहु, मां व मित्र के रूप में हर तरह विशेष होती है। कृष्ण और द्रोपदी के संवाद में हमेशा कृष्ण द्रोपदी को सखी नहीं सखा कहते हैं। यह हमारी संस्कृति में महिलाओं के सम्मान को दर्शाता है। यह ध्यान रखना चाहिए कि महिलाओं को वोट का अधिकारी, शिक्षा का अधिकारी व काम करने का अधिकारी तभी मिला है, जब पुरुषों को अधिकार मिला है।- ममता यादव, सदस्य हरियाणा लोक सेवा आयोग।
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अमर उजाला प्रथमा हरियाणा क्वीन कॉन्टेस्ट: रैंप पर मॉडल्स ने बिखेरा जलवा, 28 महिलाओं को किया सम्मानित







