अब अंबाला में स्टंटबाजी पड़ेगी भारी, अभिभावकों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई Haryana News & Updates

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अंबाला: भारत में मोटर वाहन नियमों के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन इन नियमों के बावजूद हरियाणा के अंबाला में नाबालिग बच्चे सड़कों पर अक्सर दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाते हुए नजर आते रहते हैं. इस दौरान बच्चे कम उम्र में तेज रफ्तार से बेखौफ और लापरवाही से बाइक चलाते हुए न केवल दिखाई देते हैं, बल्कि वे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान के लिए भी खतरा बन जाते हैं.

दरअसल, आए दिन ओवरस्पीड की वजह से हादसों की आशंका बनी रहती है और 2023 के मुकाबले 2024 और 2025 में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों का आंकड़ा काफी बढ़ा है. हालांकि इन मौतों के बढ़ते आंकड़ों को लेकर एक तरफ पुलिस विभाग काफी चिंतित है, तो दूसरी तरफ आम जनता भी कहीं न कहीं अपनी समझदारी भूलती हुई नजर आ रही है. इन दिनों नाबालिग बच्चे सड़कों पर वाहन चलाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे सड़क हादसे भी बढ़ रहे हैं.

अभिभावकों पर भी होगी सख्ती से कार्रवाई

दरअसल, कुछ अभिभावक बिना लाइसेंस के ही अपने बच्चों को वाहन चलाने के लिए दे देते हैं, लेकिन यह नासमझी कई बार अभिभावकों को उनके बच्चों से जुदा कर देती है, तो कई मामलों में बच्चों से उनका बचपन और भविष्य दोनों छिन जाते हैं. ऐसे में अंबाला पुलिस प्रशासन नाबालिग बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों पर भी सख्ती से कार्रवाई करने जा रहा है. पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद शहर में जगह-जगह नाके लगाए जा रहे हैं. यदि कोई कम उम्र का बच्चा वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो चालान के साथ-साथ उसके अभिभावकों को बुलाकर भी कार्रवाई की जाएगी.

18 वर्ष से कम आयु के बच्चे द्वारा वाहन चलाना कानूनी अपराध

इस बारे में लोकल 18 को जानकारी देते हुए अंबाला पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि भारत के मोटर वाहन नियमों के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे द्वारा वाहन चलाना कानूनी अपराध है. यदि कम उम्र का बच्चा वाहन चलाते समय किसी अपराध या सड़क दुर्घटना में शामिल होता है, तो उसके साथ-साथ माता-पिता की भी जिम्मेदारी बनती है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें. यदि बच्चे किसी भी तरह का स्टंट करते पाए जाते हैं, तो अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.

इस कानून के तहत होगी कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, भारत में मोटर व्हीकल (संशोधन) एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे द्वारा दुर्घटना करने पर वाहन मालिक (अभिभावक/माता-पिता) को दोषी माना जाता है. धारा 199ए के तहत माता-पिता को तीन साल तक की जेल, 25,000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन का पंजीकरण 12 महीने तक रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा, संबंधित बच्चे को बालिग होने के बाद भी 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है. इसलिए इस अधिनियम के तहत माता-पिता को कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने के लिए बिल्कुल भी नहीं देना चाहिए.

अंबाला में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2024 में अंबाला में 233 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई थी, जबकि वर्ष 2025 में नवंबर तक 253 लोगों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है. इन हादसों के विश्लेषण से पता चलता है कि सबसे अधिक मौतें दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की हुई हैं. अधिकांश हादसे कार और दोपहिया वाहनों के बीच हुए हैं.

वर्ष 2025 में केवल अक्टूबर और नवंबर माह में ही 65 लोगों की मौत हुई. इनमें लगभग 70 मौतें दोपहिया वाहन चालकों की थीं, और मरने वालों में 70 प्रतिशत ऐसे चालक थे जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था. ऐसे में इन सड़क हादसों को रोकने के लिए अंबाला में पुलिस ने एक व्यापक अभियान शुरू किया है और रोजाना सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

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