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“_id”:”66e4d1047e5d61bda30e3d94″,”slug”:”the-outbreak-of-charcoal-rot-disease-increased-in-crops-bhiwani-news-c-125-1-bwn1002-123060-2024-09-14″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”अधिक बारिश से फसलों में बढ़ा चारकोल रॉट बीमारी का प्रकोप : डाॅ. यादव”,”category”:”title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 14 Sep 2024 05:25 AM IST
भिवानी में मौजूद किसानों को फसलों में लगी बीमारियों के बारे में बताते डाॅ. बीडी यादव।
भिवानी। जिले के खंड बहल व तोशाम क्षेत्र में ज्यादा बारिश होने पर मौसम में ज्यादा नमी बढ़नेसे ग्वार फसल पर सफेद मक्खी, हरा तेला व अन्य बीमारियों का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इस बार इस क्षेत्र में पहली बार एक नई बीमारी जो चारकोल रॉट के नाम से जानी जाती है, जो काफी उभर के आ रही है।
इस बारे में ग्वार विशेषज्ञ डाॅ. बीडी यादव ने कहीं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने जीवाणु अंगमारी (फंगस रोग) का समय पर स्प्रे नहीं किया है। ये बीमारी उन किसानों के खेतों पर ज्यादा उभर के आ रही है। फंगस की बीमारी का स्प्रे जिन किसानों ने सिफारिश की गई दवाई का समय पर स्प्रे किया।
उन्होंने कहा कि जीवांणु अंगमारी व फंगस रोग की रोकथाम के लिए 30 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन व 400 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। डाॅ. बीडी यादव ने कहा कि इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है डाईथेन एम-45 का स्प्रे 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इससे एक बार बीमारी पर कुछ हद तक राहत मिल सकती है। इस अवसर पर राजेश, भागमल, जागेराम, सुरेश, सतबीर, पवन कुमार, संदीप मौजूद रहे।
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अधिक बारिश से फसलों में बढ़ा चारकोल रॉट बीमारी का प्रकोप : डाॅ. यादव



