[ad_1]
चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता के दौरान मनाेरंजन कालिया व विनीत जोशी।
पंजाब में चुनावी सरगर्मी बढ़ते ही अकाली दल के वरिष्ठ नेता मनोरंजन सिंह कालिया ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रेस कॉन्फ्रेंस तो कर रही है लेकिन यह नहीं बता रही कि सेहत, शिक्षा और ग्रामीण विकास को लेकर गांवों में पिछ
.
गठजोड़ पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान पर मनोरंजन कालिया ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के बेहद बड़े नेता हैं, यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि 1969 में शिअद का सहयोग देर सरकार बनाई थी। इसके बाद जब भी गठजोड़ की सरकार बनी है तो बेहद अच्छे ढंग से काम हुआ है।
मगर 2022 के बाद हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सपना देखा है कि पंजाब में भाजपा का मुख्यमंत्री बने। इसके लिए प्री गठजोड़ और पोस्ट गठजोड़ के लिए फैसला केंद्रीय लीडरशिप की तरफ से लिया जाना है।
पति को सीएम ऐलान कराना चाहती हैं नवजोत कौर
नवजोत कौर सिद्धू के बयान पर मनोरंजन कालिया ने कहा कि वह अपने पति को प्रधान लगाने का ऐलान करवाना चाहती हैं और इसी लिए बयानबाजी कर रही हैं। भाजपा में वापसी पर मनोरंजन कालिया ने कहा कि मुश्किल से तो पीछा छूटा है। अब वापसी मुश्किल है।
चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता के दौरान सवालों के जवाब देते हुए मनोरंजन कालिया व विनीत जोशी।
चुनाव मनोरथ पत्र के वादों पर सवाल
मनोरंजन कालिया ने कहा कि AAP ने चुनाव घोषणा पत्र में किसानों व गांवों के लिए बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर इनमें से कोई भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने सूचीबद्ध कर कई मुद्दों पर जवाब मांगा:
- फसल खराब होने पर प्रति माह 10,000 रुपये देने का वादे का क्या हुआ।
- किसान के बेटी पैदा होने पर 21,000 रुपये बैंक में जमा करवाने का वादा—क्या राशि जारी हुई?
- गांवों में मॉडर्न क्लिनिक बनाने का वादा किया था, कितने क्लिनिक बने?
- नशा मुक्त अभियान में उम्मीदवारों से नशा न करने का एफिडेविट लेने की घोषणा—क्या किसी का एफिडेविट लिया गया?
गांवों की समस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप
कालिया ने कहा कि AAP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांवों की असल समस्याओं का कोई जिक्र नहीं कर रही है। उनकी तरफ से विरोधियों पर वार करके मूल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कल आखिरी दिन है प्रचार का, सरकार बता दे कि 3 साल 10 महीनों में गांवों में एक भी बड़ा बदलाव किया हो।
सरपंच भत्ता बढ़ाने पर भी उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि अप्रैल 2025 में सरकार ने सरपंच का मान-भत्ता 1200 से बढ़ाकर 2000 रुपये किया, लेकिन यह राशि पंचायतों से देने की बात कहकर जिम्मेदारी खुद से हटा ली। वह अपने सभी वादे अधूरे ही पूरे करते हैं।
जब भी गठजोड़ में सरकार बनी सही चली
अकाली दल-भाजपा गठजोड़ पर बोले कालिया ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन 1969, फिर 1977 और 2007–2012 में रहा।
[ad_2]
अकाली नेता मनोरंजन का AAP सरकार से सवाल: पंजाब के गांवों में 3 साल 10 माह में क्या बदला, घोषणा पत्र का क्या हुआ – Chandigarh News

