अकाली दल (पुनर सुरजीत) को बड़ा झटका: बरजिंद सिंह ने दिया इस्तीफा, पार्टी अध्यक्ष पर क्या बोले? Chandigarh News Updates

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शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के नेता बरजिंदर सिंह माखन ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। बरजिंदर सिंह माखन ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अपना इस्तीफा घोषित किया। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह और दाखा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली पर पंथ (सिख समुदाय) को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ने एजेंसियों के साथ हाथ मिला लिया है। 

बरजिंदर सिंह पूर्व पंजाब मंत्री स्वर्गीय तोता सिंह के पुत्र हैं। शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) का गठन पिछले साल उन विद्रोही अकाली नेताओं द्वारा किया गया था, जो शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की नेतृत्व से नाखुश थे। अपने फेसबुक पोस्ट में बरजिंदर सिंह ब्रार ने SAD (पुनर सुरजीत) को केंद्र की एजेंसियों और AAP सरकार की साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि अकाल तख्त साहिब के नाम पर पंथ की भावनाओं को भड़काकर यह पार्टी बनाई गई थी। समय बीतने के साथ उन्हें इस साजिश का एहसास हुआ। 

बरजिंदर सिंह ने मनप्रीत सिंह अयाली पर आरोप लगाया कि उन्होंने पंथिक परिवार होने का फायदा उठाकर उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए फंसाया। उन्होंने कहा कि जब भी पंथ और पंजाब के हितों की बात आती, अयाली चुप रहते थे। वे केवल शिरोमणि अकाली दल के खिलाफ बोलने के लिए आगे आते थे, लेकिन सरकार के खिलाफ कभी कुछ नहीं बोलते थे। उन्होंने SAD (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए। बरजिंदर सिंह ने कहा कि हरप्रीत सिंह दिल्ली से सिग्नल मिलने पर ही बोलते थे और अकाल तख्त का इस्तेमाल शिरोमणि अकाली दल को खत्म करने के लिए किया गया। 

उन्होंने कहा कि अब उनकी अंतरात्मा उन्हें यह सब पंथ से छिपाने की इजाजत नहीं देती। बरजिंदर सिंह ने खेद जताया कि वे शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करने के मकसद से बनी पार्टी SAD (पुनर सुरजीत) का हिस्सा बने। बरजिंदर सिंह बराड़ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि राजनीति में आरोप लगाना सबसे आसान काम है, जबकि सत्य के मार्ग पर अडिग रहना सबसे मुश्किल है। 

 

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अकाली दल (पुनर सुरजीत) को बड़ा झटका: बरजिंद सिंह ने दिया इस्तीफा, पार्टी अध्यक्ष पर क्या बोले?