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Ambala News: हरियाणा के अंबाला में एक किसान के घर से सांभर के बच्चे को रेस्क्यू किया गया है. घर में घुसे इस सांभर को पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. वन विभाग की टीम ने सांभर को रेस्क्यू करने के बाद पंचकूला के मोरनी के जंगलों में छोड़ दिया.
अंबाला. हरियाणा के अंबाला जिले में इन दिनों जंगली जानवरों का रिहायशी इलाको में निकलना आम बात हो गई है. ताजा मामला अंबाला जिले के नारायणगढ़ क्षेत्र के गांव डेरा से सामने आया है. नारायणगढ़ के गांव डेरा में किसान रघुबीर सिंह के घर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके घर में सांभर (हिरण प्रजाति) आकर उनके एक कमरे आकर बैठ गया.
जब सूचना आसपास के ग्रामीणों को मिली तो पूरे इलाके डर का माहौल फैल गया ओर लोग उसे देखने के लिए पहुंचने लगे.वही किसान रघुबीर ने इसकी सूचना पुलिस प्रशाशन को दी और मौके पर कुछ देर वन्यजीव विभाग ओर वंदे मातरम दल के सदस्य पहुंचे. वहीं इस टीम के सदस्यों ने घर के चारों तरफ जाल लगाकर लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांभर का रेस्क्यू किया.
अंबाला वन्यजीव विभाग के कर्मचारी भरत कुमार ने लोकल 18 को बताया कि उन्हें देर शाम सूचना प्राप्त हुई थी कि नारायणगढ़ के गांव डेरा में एक किसान के घर में सांभर (हिरण प्रजाति) घुस गया है,जिसके बाद वन्यजीव विभाग ओर वंदे मातरम दल की टीम मौके कर पहुंची थी. उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों की काफी ज्यादा भीड़ होने के कारण उन्हें सांभर का रेस्क्यू करने में काफी समस्या का सामना करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि टीम ने जाल लगाकर लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और फिर उन्होंने उसका रेस्क्यू किया और फिर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मोरनी के जंगल में छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के दौरान कई बार सांभर ने उनपर हमला भी किया था,जिसमें वंदे मातरम दल के सदस्य राजकुमार और रामचंद्र के कई चोटें भी आ गई.
रास्ता भटकर रिहायशी इलाकों में आ रहे जानवर
उन्होंने बताया कि अक्सर यह जंगली जीव पहाड़ी इलाकों से अपना रास्ता भटकर आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाते है, क्योंकि मानव प्रजाति का जंगलों में हस्ताक्षेप ज्यादा हो गया है.उन्होंने कहा कि यह सांभर हिरण प्रजाति भारत में विलुप्त होती जा रही है. भरत कुमार ने बताया कि साल 2023 में भी इसी प्रजाति का सांभर उन्होंने अंबाला के बलदेव नगर इलाके को जग्गी कॉलोनी से भी रेस्क्यू किया था.वह भी इसी तरह पहाड़ी इलाके से रास्ता भटकर रिहायशी इलाके में आ गया था. साल 2024 में भी अंबाला के कालपी इलाके के पास से एक सांभर रेस्क्यू किया गया था.
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