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एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपी तौफे यूसुफ की जमानत याचिका स्पेशल कोर्ट चंडीगढ़ ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा है और जांच के दौरान उसकी संलिप्तता गंभीर रूप से सामने आई है। ऐसे में उसे जमानत देने से
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अदालत ने कहा कि एफआईआर में धारा 21, 22 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच के दौरान अलग-अलग आरोपियों से नशे की अलग-अलग मात्रा बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, 67.33 ग्राम आईस (ICE) इतनी ज्यादा मात्रा में थी कि उसे बड़ी यानी वाणिज्यिक मात्रा माना गया, जबकि 35.80 ग्राम कोकीन कम मात्रा में होने के कारण उसे सामान्य मात्रा माना गया।
इन सभी तथ्यों को देखते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी को फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती और उसकी याचिका खारिज की जाती है।
नहीं हुई नशे की सामग्री बरामद
आरोपी तौफे यूसुफ की ओर से पेश वकील अंकुर चौधरी ने अदालत में दलील दी कि उसे झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी के पास से कोई हेरोइन या नशे की सामग्री बरामद नहीं हुई और उसका नाम केवल सह-आरोपी इमोरू डेमियन के खुलासे में आने के बाद जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि बरामद किए गए पदार्थ का सैंपल सीएफएसएल, चंडीगढ़ भेजा गया था, जहां जांच रिपोर्ट में पाया गया कि उसमें कोई नशे का तत्व नहीं है। इसके बावजूद जांच एजेंसी ने दूसरा सैंपल भेजने की मांग की, जिसे अदालत ने पहले ही खारिज कर दिया था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि तौफे यूसुफ ने जांच में पूरा सहयोग किया है और आगे भी जांच एजेंसी के बुलाने पर सहयोग करने को तैयार है। इसलिए उसे नियमित जमानत दी जाए।
आरोपी अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा
सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा है। सह-आरोपी इमोरू डेमियन और ओकोए ननमदी से बरामद किए गए पदार्थों की जांच में नशे के तत्व पाए गए हैं। दोनों आरोपियों के बयान में तौफे यूसुफ का नाम सामने आया, जो कई राज्यों में नशे की तस्करी करता था और पूरे गिरोह को चलाता था।
अपराध करने की साजिश में शामिल
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि, “रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि आरोपी तौफे यूसुफ नशे की तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपराध करने की साजिश में शामिल था। ऐसे में अदालत यह संतोषजनक निष्कर्ष नहीं निकाल सकती कि आरोपी निर्दोष है या जमानत पर रहने के दौरान वह अपराध नहीं करेगा।”
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अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के आरोपी की जमानत याचिका खारिज: कोर्ट बोला: जांच हो सकती है प्रभावित, वकील बोला झूठा फंसाया – Chandigarh News

