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हिसार में 7 माह में परिवार नियोजन में 3781 महिलाओं और सिर्फ 9 पुरुषों ने निभाई जिम्मेदारी


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हिसार। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में चलाई जा रही परिवार कल्याण योजना धीमी गति से चल रही हैं। नसबंदी करवाने के लिए पुरुषों को जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा 22 अगस्त से 2 सितंबर तक परिवार कल्याण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान पुरुषों को नसबंदी करवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। अभी तक पुरुष नसबंदी करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जनवरी से जुलाई माह तक 3790 ऑपरेशन हुए, जिनमें 3781 महिलाओं ने नलबंदी और सिर्फ 9 पुरुषों ने ही नसबंदी करवाई है।
पिछले साल 27 लोगों ने करवाई थी नसबंदी
डॉ. अनामिका ने बताया कि परिवार कल्याण योजना के तहत पिछले साल 6714 ऑपरेशन हुए। उनमें से 27 पुरुषों ने ही नसबंदी करवाई और 6687 महिलाओं ने ऑपरेशन के द्वारा नलबंदी करवाई। इस साल जुलाई माह तक अस्पताल में 3790 ऑपरेशन हुए है और इनमें 9 पुरुषों ने नसबंदी करवाई और 3781 महिलाओं ने नलबंदी करवाई है। उन्होंने बताया कि नसबंदी करवाने पर पुरूषों को 2000 रुपये और महिलाओं को 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
एक बच्चे पर करवा रहे ऑपरेशन
डॉ. अनामिका ने बताया कि समय के साथ लोगों की सोच में भी बदलाव आ रहा हैं। पहले महिलाएं और पुरुष ऑपरेशन करवाने मं कतराते थे। अब एक बच्चे के ऑपरेशन करवाने के लिए आ रहे हैं। जो पुरुष और महिलाएं दोनों नौकरी करते हैं वे ऑपरेशन करवाने के लिए आगे आ रहे हैं।
चार जगह लगाए जाएंगे कैंप
जिले में चार जगह जागरूकता कैंप लगाए जाएगें। बरवाला के सरकारी अस्पताल में 22 और 29 अगस्त को, आदमपुर में 23 और 30 अगस्त को, हांसी में 25 अगस्त और 1 सितंबर को कैंप लगाया जाएगा। नागरिक अस्पताल हर कार्य दिवस पर कैंप लगाया जाएगा। 15 मिनट में ऑपरेशन हो जाता है।
6 से 7 ऑपरेशन हो जाते हैं फेल
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक साल में ऑपरेशन के 6 से 7 केस फेल भी हो जाते है। ऑपरेशन करवाने के बाद अगर, किन्हीं कारणों से ऑपरेशन खुलवाना पड़ता है तो पचास प्रतिशत ही संभावना रहती हैं।

हिसार। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में चलाई जा रही परिवार कल्याण योजना धीमी गति से चल रही हैं। नसबंदी करवाने के लिए पुरुषों को जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा 22 अगस्त से 2 सितंबर तक परिवार कल्याण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान पुरुषों को नसबंदी करवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। अभी तक पुरुष नसबंदी करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जनवरी से जुलाई माह तक 3790 ऑपरेशन हुए, जिनमें 3781 महिलाओं ने नलबंदी और सिर्फ 9 पुरुषों ने ही नसबंदी करवाई है।

पिछले साल 27 लोगों ने करवाई थी नसबंदी

डॉ. अनामिका ने बताया कि परिवार कल्याण योजना के तहत पिछले साल 6714 ऑपरेशन हुए। उनमें से 27 पुरुषों ने ही नसबंदी करवाई और 6687 महिलाओं ने ऑपरेशन के द्वारा नलबंदी करवाई। इस साल जुलाई माह तक अस्पताल में 3790 ऑपरेशन हुए है और इनमें 9 पुरुषों ने नसबंदी करवाई और 3781 महिलाओं ने नलबंदी करवाई है। उन्होंने बताया कि नसबंदी करवाने पर पुरूषों को 2000 रुपये और महिलाओं को 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

एक बच्चे पर करवा रहे ऑपरेशन

डॉ. अनामिका ने बताया कि समय के साथ लोगों की सोच में भी बदलाव आ रहा हैं। पहले महिलाएं और पुरुष ऑपरेशन करवाने मं कतराते थे। अब एक बच्चे के ऑपरेशन करवाने के लिए आ रहे हैं। जो पुरुष और महिलाएं दोनों नौकरी करते हैं वे ऑपरेशन करवाने के लिए आगे आ रहे हैं।

चार जगह लगाए जाएंगे कैंप

जिले में चार जगह जागरूकता कैंप लगाए जाएगें। बरवाला के सरकारी अस्पताल में 22 और 29 अगस्त को, आदमपुर में 23 और 30 अगस्त को, हांसी में 25 अगस्त और 1 सितंबर को कैंप लगाया जाएगा। नागरिक अस्पताल हर कार्य दिवस पर कैंप लगाया जाएगा। 15 मिनट में ऑपरेशन हो जाता है।

6 से 7 ऑपरेशन हो जाते हैं फेल

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक साल में ऑपरेशन के 6 से 7 केस फेल भी हो जाते है। ऑपरेशन करवाने के बाद अगर, किन्हीं कारणों से ऑपरेशन खुलवाना पड़ता है तो पचास प्रतिशत ही संभावना रहती हैं।

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