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हाथ में पदक देख उतर जाती है थकान


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अंबाला सिटी। वॉर हिरोज स्टेडियम में बने ऑल वेदर स्वीमिंग पूल में खिलाड़ियों का जज्बा देखते ही बन रहा था, प्रत्येक खिलाड़ी एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में था। वहीं जिन्होंने मेडल पर कब्जा जमाया उनकी खुशी चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी।
खिलाड़ियों का कहना है एक दिन में अभ्यास के दौरान आठ घंटे तक पानी के अंदर बिताना बहुत ही मुश्किल होता है, वहीं पानी को चीरने में काफी जोर लगता है, ऐसे में स्टेमिना की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। इसी स्टेमिना को बरकरार रखने के लिए वह कई कई घंटे पाने में बिताते हैं। खासकर जब पता हो कि आने वाले दिनों में प्रतियोगिता है तो यह समय बढ़कर आठ घंटे हो जाता है। जब पदक हाथ में आता है तो सारी थकान गायब हो जाती है।
हमने पानी में सात से आठ घंटे तक लगातार मेहनत की है। आज जब पता लगा की मेडल हाथ में है तो सारी थकान एक मिनट में छू हो गई। मेडल जीतने की खुशी एक एहसास बहुत ही अलग होता है। – हर्षिका, कर्नाटक।
पानी में कई कई घंटे बिताना आसान नहीं होता।ं पानी में अपने आप को बनाए रखने और आगे बढ़ने के लिए स्टेमिना की बहुत ज्यादा जरूरत है। इसी पर हम खिलाड़ियों को अधिक काम करना पड़ता है। आज मेडल जीतकर काफी खुशी हो रही है। आन्या, महाराष्ट्र।
खिलाड़ी का सारा अभ्यास प्रतियोगिता में ही दिखाई देता है और जब मेडल हाथ में आता है तो समझो हमारी सारी मेहनत सफल हो गई। अभी जिस तरह से अभ्यास कर रहे, आगे भी अभ्यास को जारी रखते हुए पदक जीतने का प्रयास करूंगी। – आस्था, असम।
हर खिलाड़ी का सपना मेडल जीतना होता है। उसी के लिएसभी खिलाड़ी मेहनत कर रहे हैं। जिस समय हमारे हाथ में मेडल आता है, तभी हमारी मेहनत सफल होती है, फिर चाहे किसी खिलाड़ी ने 10 घंटे ही क्यों न पूल में बिताए हों। – अनीश, कर्नाटक।

अंबाला सिटी। वॉर हिरोज स्टेडियम में बने ऑल वेदर स्वीमिंग पूल में खिलाड़ियों का जज्बा देखते ही बन रहा था, प्रत्येक खिलाड़ी एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में था। वहीं जिन्होंने मेडल पर कब्जा जमाया उनकी खुशी चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी।

खिलाड़ियों का कहना है एक दिन में अभ्यास के दौरान आठ घंटे तक पानी के अंदर बिताना बहुत ही मुश्किल होता है, वहीं पानी को चीरने में काफी जोर लगता है, ऐसे में स्टेमिना की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। इसी स्टेमिना को बरकरार रखने के लिए वह कई कई घंटे पाने में बिताते हैं। खासकर जब पता हो कि आने वाले दिनों में प्रतियोगिता है तो यह समय बढ़कर आठ घंटे हो जाता है। जब पदक हाथ में आता है तो सारी थकान गायब हो जाती है।

हमने पानी में सात से आठ घंटे तक लगातार मेहनत की है। आज जब पता लगा की मेडल हाथ में है तो सारी थकान एक मिनट में छू हो गई। मेडल जीतने की खुशी एक एहसास बहुत ही अलग होता है। – हर्षिका, कर्नाटक।

पानी में कई कई घंटे बिताना आसान नहीं होता।ं पानी में अपने आप को बनाए रखने और आगे बढ़ने के लिए स्टेमिना की बहुत ज्यादा जरूरत है। इसी पर हम खिलाड़ियों को अधिक काम करना पड़ता है। आज मेडल जीतकर काफी खुशी हो रही है। आन्या, महाराष्ट्र।

खिलाड़ी का सारा अभ्यास प्रतियोगिता में ही दिखाई देता है और जब मेडल हाथ में आता है तो समझो हमारी सारी मेहनत सफल हो गई। अभी जिस तरह से अभ्यास कर रहे, आगे भी अभ्यास को जारी रखते हुए पदक जीतने का प्रयास करूंगी। – आस्था, असम।

हर खिलाड़ी का सपना मेडल जीतना होता है। उसी के लिएसभी खिलाड़ी मेहनत कर रहे हैं। जिस समय हमारे हाथ में मेडल आता है, तभी हमारी मेहनत सफल होती है, फिर चाहे किसी खिलाड़ी ने 10 घंटे ही क्यों न पूल में बिताए हों। – अनीश, कर्नाटक।

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