हर्षिता, विश्व प्रताप और हिमांशी गंभीर ने किया जिले में टॉप


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अंबाला सिटी। 12वीं के परीक्षा परिणाम के साथ ही टॉपर्स की लिस्ट भी जारी हो गई है। सोहनलाल डीएवी स्कूल की हर्षिता ने वाणिज्य संकाय में 487 अंक, नंदलाल गीता विद्या मंदिर स्कूल के विश्व प्रताप ने कला संकाय में 484 अंक और राजकीय स्कूल बड़ागांव में पढ़ने वाली हिमांशी गंभीर ने विज्ञान संकाय में 480 अंक हासिल अपने-अपने संकाय में पहला स्थान प्राप्त किया। तीनों विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने लॉकडाउन में भी अपनी पढ़ाई पर थोड़ी सी भी ढील नहीं बरती और पूरा समय ही पढ़ाई पर लगाया। उसी का परिणाम है कि आज उन्होंने यह स्थान हासिल किया है।
प्रोफेसर बनना चाहती हैं हर्षिता
जिले में वाणिज्य संकाय में 484 अंक लेकर प्रथम स्थान हासिल करने वाली हर्षिता ने बताया ने कि वह प्रोफेसर बनना चाहती है और उसी लक्ष्य को लेकर वह अभी तक तैयारी कर रही है। हर्षिता के मुताबिक उसने अंग्रेजी 98, हिंदी 96, बिजनेस 100, एकांउट 96, इकोनोमिक्स 97, मैथ 47 अंक हासिल किए हैं।
आईएएस का सपना देख रहा विश्व प्रताप
विश्व प्रताप आईएएस बनना चाहता है। वह तेपला के नंदलाल गीता विद्या मंदिर स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। मां शशि ने बताया कि वह सिलाई का काम करती है। 2017 में विश्व प्रताप के पिता प्रदीप कुमार की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। बेटे ने अंग्रेजी में 99, हिंदी में 95, इतिहास में में 95, राजनीतिक विज्ञान में 97 व अन्य विषय में 98 अंक हासिल किए।
हिंमाशी का लक्ष्य डॉक्टर बनना
हिंमाशी गंभीर सरकारी स्कूल से पढ़कर जिले में तीसरे स्थान पर ही है। उन्होंने साइंस संकाय में पढ़ाई की और अब डॉक्टर बनने का सपना देख रही है। इनके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है। हिमांशी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी अपने सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई में ढील नहीं बरती। हिमांशी ने अंग्रेजी में 98, सीपीयू 99, फिजिक्स 92, केमिस्ट्री 99, बॉयोलोजी 92 अंक हासिल किए हैं।

अंबाला सिटी। 12वीं के परीक्षा परिणाम के साथ ही टॉपर्स की लिस्ट भी जारी हो गई है। सोहनलाल डीएवी स्कूल की हर्षिता ने वाणिज्य संकाय में 487 अंक, नंदलाल गीता विद्या मंदिर स्कूल के विश्व प्रताप ने कला संकाय में 484 अंक और राजकीय स्कूल बड़ागांव में पढ़ने वाली हिमांशी गंभीर ने विज्ञान संकाय में 480 अंक हासिल अपने-अपने संकाय में पहला स्थान प्राप्त किया। तीनों विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने लॉकडाउन में भी अपनी पढ़ाई पर थोड़ी सी भी ढील नहीं बरती और पूरा समय ही पढ़ाई पर लगाया। उसी का परिणाम है कि आज उन्होंने यह स्थान हासिल किया है।

प्रोफेसर बनना चाहती हैं हर्षिता

जिले में वाणिज्य संकाय में 484 अंक लेकर प्रथम स्थान हासिल करने वाली हर्षिता ने बताया ने कि वह प्रोफेसर बनना चाहती है और उसी लक्ष्य को लेकर वह अभी तक तैयारी कर रही है। हर्षिता के मुताबिक उसने अंग्रेजी 98, हिंदी 96, बिजनेस 100, एकांउट 96, इकोनोमिक्स 97, मैथ 47 अंक हासिल किए हैं।

आईएएस का सपना देख रहा विश्व प्रताप

विश्व प्रताप आईएएस बनना चाहता है। वह तेपला के नंदलाल गीता विद्या मंदिर स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। मां शशि ने बताया कि वह सिलाई का काम करती है। 2017 में विश्व प्रताप के पिता प्रदीप कुमार की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। बेटे ने अंग्रेजी में 99, हिंदी में 95, इतिहास में में 95, राजनीतिक विज्ञान में 97 व अन्य विषय में 98 अंक हासिल किए।

हिंमाशी का लक्ष्य डॉक्टर बनना

हिंमाशी गंभीर सरकारी स्कूल से पढ़कर जिले में तीसरे स्थान पर ही है। उन्होंने साइंस संकाय में पढ़ाई की और अब डॉक्टर बनने का सपना देख रही है। इनके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है। हिमांशी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी अपने सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई में ढील नहीं बरती। हिमांशी ने अंग्रेजी में 98, सीपीयू 99, फिजिक्स 92, केमिस्ट्री 99, बॉयोलोजी 92 अंक हासिल किए हैं।

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Written by Haryanacircle

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