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हरियाणा लोकल चुनावों में आप का खुला खाता, भाजपा गठबंधन को मिली जीत


गुड़गांवः नगर निकाय चुनाव इस बार का काफी दिलचस्प रहा। गुड़गांव, रेवाड़ी की 2 और मेवात की 3 सीटों पर बीजेपी-जेजेपी गठबंधन के पक्ष में परिणाम आए। बावल में निर्दलीय प्रत्याशी ने गठबंधन की जीत की रफ्तार को रोका। इस चुनाव में कांग्रेस और आईएनएलडी ने सिंबल पर अपने प्रत्याशी नहीं उतारे, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों को कई जगह समर्थन दिया। सोहना में आप दूसरी पार्टी के तौर पर उभरी। बीजेपी की यह जीत मजबूत संगठन और कोर वोटरों पर गहरी पैठ का नतीजा रही।

शहरी क्षेत्र में बीजेपी का प्रभाव
बीजेपी हरियाणा के शहरी क्षेत्र में अच्छा प्रभाव रखती है। यही वजह है कि हमेशा अपने सिंबल पर चुनाव लड़ती आई है। मेवात की 3 सीटों पर बीजेपी ने फिरोजपुर झिरका और पुनहाना सीट पर अपने प्रत्याशी उतारे। नूंह जेजेपी गठबंधन के हिस्से में थी। राज्य में बीजेपी संगठनात्मक तौर पर काफी मजबूत मानी जाती है। विधानसभा का चुनाव हुआ था तो मेवात में बीजेपी का खाता भी नहीं खुला था। लेकिन, निकाय चुनाव में शहरी कोर वोटर ने यहां उलटफेर किया। एक महीने पहले ही पार्टी ने प्रभारी और चुनाव प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी थी। फिरोजपुर झिरका में नवीन गोयल को प्रभारी बनाकर व्यूह रचना रची। सोहना में पूर्व मंत्री विपुल गोयल व जिले की टीम ने प्रबंधन संभाला। शुरू में कमजोर हालात के बावजूद यहां से जीत मिली। पुन्हाना में विधायक सत्यप्रकाश जरावता को कमान सौंपी गई थी।

कांग्रेस का हाल
यह चुनाव कांग्रेस ने अपने सिंबल पर नहीं लड़ा। फिर भी प्रदेश में हाल ही में बने प्रदेश अध्यक्ष उदय भान के लिए परीक्षा की घड़ी थी। पार्टी पिछले 7 वर्षों में जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन नहीं खड़ा कर सकी। इसकी कमी इस चुनाव में साफ दिखी। कांग्रेस की उपस्थिति इसी वजह से न के बराबर रही। गुटबाजी की शिकार पार्टी के लिए यह चुनाव एक संकेत है कि अगर संगठन खड़ा न हुआ तो आगे भी दिक्कत होगी। पार्टी में प्रदेश में 5 कार्यकारी अध्यक्ष में से एक जितेंद्र भारद्वाज सोहना से हैं। सोहना में बीजेपी और आप के बीच ही टक्कर थी।

आईएनएलडी के प्रत्याशी नहीं
आईएनएलडी के पास इस चुनाव में खोने के लिए कुछ नहीं था। पार्टी के विघटन के बाद पार्टी अभी तक ढांचा नहीं तैयार कर पाई थी। निकाय चुनाव में उनके पास संगठन की कमी वे जिताऊ कैंडिडेट की कमी खली। वैसे भी 2019 के विधानसभा चुनाव के परिणामों और स्थानीय निकाय के परिणामों ने यह साबित करना शुरू कर दिया है कि धीरे-धीरे जेजेपी हरियाणा में आईएनएलडी का स्थान लेती जा रही है।

आप सोहना तक सीमित
आप प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव में पहली बार सिंबल पर चुनाव लड़ी। 3 जिलों की 5 चेयरमैन की सीट पर सोहना को छोड़कर पार्टी कोई ठोस आधार नहीं छोड़ पाई। सोहना में भी उनकी कैंडिडेट ललिता के पति जवाहर लाल पहले से विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी सोहना में अच्छी पकड़ है। माना जा रहा है कि उनके व्यक्तिगत पकड़ के कारण पार्टी यहां दूसरे नंबर पर पांव जमा पाई।

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