हरियाणा राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस नेताओं ने हाईकमान को सौंपी विस्तृत रिपोर्ट, क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने का जिक्र


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 21 Jun 2022 11:41 AM IST

ख़बर सुनें

राज्यसभा चुनाव में हरियाणा में कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी ने कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बिश्नोई ने पार्टी से अलग निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को अपना वोट दिया। वहीं कांग्रेस विधायक का एक वोट भी रद्द हुआ। यही वजह है कि अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा। अब अजय माकन, शक्ति सिंह गोहिल और राजीव शुक्ला ने पार्टी अलाकामन को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द करने का जिक्र है। 

इससे पहले हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल ने पार्टी हाईकमान को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंप दी थी। बंद लिफाफे में दी गई रिपोर्ट में उस विधायक का नाम लिखा गया है, जिसने पार्टी से गद्दारी की और जिसका वोट रद्द हो गया था। बंसल ने रिपोर्ट ये भी माना था कि संबंधित विधायक ने वोट डालने से पहले अधिकृत एजेंट (बंसल) को भी चकमा दे दिया। हालांकि, नियमों के तहत पार्टी की ओर से विधायक के नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन आने वाले दिनों में उस विधायक पर गाज गिरना तय है।

अजय माकन की हार के मुख्य किरदार कुलदीप बिश्नोई को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। वह कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के विशेष आमंत्रित सदस्य पद भी नहीं हैं। इसके अलावा कांग्रेस की सभी समितियों के सदस्य पदों से भी उनकी छुट्टी कर दी गई थी। 

कुलदीप के पिता भजन लाल ने 2007 में हजकां-बीएल बनाई थी। उसके बाद भाजपा के साथ गठबंधन में भी रहे। पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पार्टी हजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली। 2009 के विधानसभा चुनाव में हजकां ने छह सीटें जीती, जिनमें से पांच विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार बनाने के लिए तोड़ लिए थे। हालांकि, 2014 में पांचों विधायकों की सदस्यता दलबदल कानून के तहत रदद कर दी गई थी। 28 अप्रैल 2016 को कुलदीप ने हजकां का विलय कांग्रेस में कर दिया था। छह साल बाद अब फिर से उनकी सियासी राह कांग्रेस से अलग हो गई है।

विस्तार

राज्यसभा चुनाव में हरियाणा में कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी ने कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बिश्नोई ने पार्टी से अलग निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को अपना वोट दिया। वहीं कांग्रेस विधायक का एक वोट भी रद्द हुआ। यही वजह है कि अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा। अब अजय माकन, शक्ति सिंह गोहिल और राजीव शुक्ला ने पार्टी अलाकामन को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द करने का जिक्र है। 

इससे पहले हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल ने पार्टी हाईकमान को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंप दी थी। बंद लिफाफे में दी गई रिपोर्ट में उस विधायक का नाम लिखा गया है, जिसने पार्टी से गद्दारी की और जिसका वोट रद्द हो गया था। बंसल ने रिपोर्ट ये भी माना था कि संबंधित विधायक ने वोट डालने से पहले अधिकृत एजेंट (बंसल) को भी चकमा दे दिया। हालांकि, नियमों के तहत पार्टी की ओर से विधायक के नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन आने वाले दिनों में उस विधायक पर गाज गिरना तय है।

अजय माकन की हार के मुख्य किरदार कुलदीप बिश्नोई को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। वह कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के विशेष आमंत्रित सदस्य पद भी नहीं हैं। इसके अलावा कांग्रेस की सभी समितियों के सदस्य पदों से भी उनकी छुट्टी कर दी गई थी। 

कुलदीप के पिता भजन लाल ने 2007 में हजकां-बीएल बनाई थी। उसके बाद भाजपा के साथ गठबंधन में भी रहे। पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पार्टी हजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली। 2009 के विधानसभा चुनाव में हजकां ने छह सीटें जीती, जिनमें से पांच विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार बनाने के लिए तोड़ लिए थे। हालांकि, 2014 में पांचों विधायकों की सदस्यता दलबदल कानून के तहत रदद कर दी गई थी। 28 अप्रैल 2016 को कुलदीप ने हजकां का विलय कांग्रेस में कर दिया था। छह साल बाद अब फिर से उनकी सियासी राह कांग्रेस से अलग हो गई है।

.


What do you think?

Written by Haryanacircle

नागरिक अस्पताल के एसएमओ ने मांगी वीआरएस

ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग व्यक्ति की मौत