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हरियाणा: प्रदेश का सबसे ऊंचा घोड़ा गुलबाग नहीं रहा, लग्जरी गाड़ियों की कीमत को भी मात देती थी गुलबाग की कीमत


संवाद न्यूज एजेंसी, बादली, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 30 May 2022 11:47 PM IST

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हरियाणा प्रदेश का सबसे ऊंचा घोड़ा गुलबाग अब नहीं रहा। रविवार रात को गांव जहांगीरपुर स्थित अपने घर में हृदय गति रुकने से गुलबाग की मौत हो गई। गुलबाग की मौत से उसके मालिक प्रमोद और उनके परिवार में शोक छा गया। यह घोड़ा कई मायनों में खास था। मात्र 10 साल के गुलबाग की ऊंचाई 68 इंच थी।
 

गुलबाग के मालिक प्रमोद ने बताया कि रात के समय खुराक और चारा खाने के बाद घोड़ा अपनी बैरक में था लेकिन सुबह वह मृत मिला। चिकित्सकों को बुलाया तो जांच करके घोड़े को मृत घोषित कर दिया। घोड़े की मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। 
 

प्रमोद ने बताया कि राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ में जन्मा गुलबाग उन्हें काफी मशक्कत के बाद मिला था। उन्होंने गुलबाग को 2006 में खरीदा। यह घोड़ा हरियाणा के घोड़ों में सबसे ऊंचा घोड़ा साबित हुआ। गुलबाग जब 4 साल का था तो उसने प्रदेश सबसे ऊंचे घोड़े का खिताब हासिल किया। उसकी ऊंचाई 68 इंच थी और उसकी नस्ल नुकरा थी। 
 

प्रमोद घोड़ों का व्यापार करते हैं। बेरी के विख्यात पशु मेले में गुलबाग ने मेले का ही नहीं, बल्कि प्रदेश का सबसे ऊंचा घोड़ा होने का खिताब अपने नाम किया था। खास बात यह थी कि प्रमोद अपने घोड़े को मेलों में बेचने नहीं, केवल उसकी नुमाइश लगाने के लिए ले जाते थे।
 

गुलबाग की कीमत कई बड़ी लग्जरी गाड़ियों की कीमत को भी मात देती रही, लेकिन प्रमोद ने घोड़े की कीमत कभी नहीं लगाई। प्रमोद ने बताया कि गुलबाग डीजे के धुन पर नाचने में माहिर था। मेले में पहुंचते ही आकर्षण का केंद्र बन जाता था। दूर-दराज से पहुंचे पशु व्यापारी अपनी सभी डील छोड़कर गुलबाग को देखने के लिए उमड़ पड़ते थे।

घोड़े गुलबाग की खासियत

  • नस्ल : नुकरा 
  • कद : 68 इंच
  • उम्र : 10 साल
  • खुराक : रोजाना 5 किलो चना, 250 ग्राम घी, 5 किलो दूध, 800 ग्राम सोयाबीन और हरी घास।

विस्तार

हरियाणा प्रदेश का सबसे ऊंचा घोड़ा गुलबाग अब नहीं रहा। रविवार रात को गांव जहांगीरपुर स्थित अपने घर में हृदय गति रुकने से गुलबाग की मौत हो गई। गुलबाग की मौत से उसके मालिक प्रमोद और उनके परिवार में शोक छा गया। यह घोड़ा कई मायनों में खास था। मात्र 10 साल के गुलबाग की ऊंचाई 68 इंच थी।

 

गुलबाग के मालिक प्रमोद ने बताया कि रात के समय खुराक और चारा खाने के बाद घोड़ा अपनी बैरक में था लेकिन सुबह वह मृत मिला। चिकित्सकों को बुलाया तो जांच करके घोड़े को मृत घोषित कर दिया। घोड़े की मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। 

 

प्रमोद ने बताया कि राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ में जन्मा गुलबाग उन्हें काफी मशक्कत के बाद मिला था। उन्होंने गुलबाग को 2006 में खरीदा। यह घोड़ा हरियाणा के घोड़ों में सबसे ऊंचा घोड़ा साबित हुआ। गुलबाग जब 4 साल का था तो उसने प्रदेश सबसे ऊंचे घोड़े का खिताब हासिल किया। उसकी ऊंचाई 68 इंच थी और उसकी नस्ल नुकरा थी। 

 

प्रमोद घोड़ों का व्यापार करते हैं। बेरी के विख्यात पशु मेले में गुलबाग ने मेले का ही नहीं, बल्कि प्रदेश का सबसे ऊंचा घोड़ा होने का खिताब अपने नाम किया था। खास बात यह थी कि प्रमोद अपने घोड़े को मेलों में बेचने नहीं, केवल उसकी नुमाइश लगाने के लिए ले जाते थे।

 

गुलबाग की कीमत कई बड़ी लग्जरी गाड़ियों की कीमत को भी मात देती रही, लेकिन प्रमोद ने घोड़े की कीमत कभी नहीं लगाई। प्रमोद ने बताया कि गुलबाग डीजे के धुन पर नाचने में माहिर था। मेले में पहुंचते ही आकर्षण का केंद्र बन जाता था। दूर-दराज से पहुंचे पशु व्यापारी अपनी सभी डील छोड़कर गुलबाग को देखने के लिए उमड़ पड़ते थे।

घोड़े गुलबाग की खासियत

  • नस्ल : नुकरा 
  • कद : 68 इंच
  • उम्र : 10 साल
  • खुराक : रोजाना 5 किलो चना, 250 ग्राम घी, 5 किलो दूध, 800 ग्राम सोयाबीन और हरी घास।

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