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सुधार के लिए कदम उठाएं : सिविल सर्जन


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जींद। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों की एक बैठक निजी होटल में हुई। बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य से लेकर टीबी, कोविड, किशोर स्वास्थ्य जैसे कार्यक्रमों की समीक्षा हुई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने की और सभी एसएमओ तथा डिप्टी सिविल सर्जनों को आदेश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विशलेषण कर इनमें सुधार के लिए तमाम जरूरी कदम उठाए जाएं।
डॉ. मंजू कादियान ने कहा कि सभी पीएचसी, सीएचसी और हेल्थ सब सेंटरों पर गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन की गोलियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसे गंभीरता से लिया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं के तमाम जरूरी टैस्ट करवाए जाएं। जिन गर्भवती महिलाओं की एचबी 7 से कम हो, उनके लिए इंजेक्टेबल आयरन की व्यवस्था की जाए। एएनएम यह सुनिश्चित करेंगी कि सात से कम एचबी वाली तमाम गर्भवती महिलाओं को इंजेक्टेबल आयरन दिया जाए। उन्होंने घर पर प्रसव कम से कम करवाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि संस्थागत डिलीवरी ज्यादा सुरक्षित रहती हैं। किसी गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए तुरंत नजदीक के सरकारी अस्पताल ले जाने की खातिर 24 घंटे सरकारी एम्बुलेंस सभी सीएचसी में तैयार रहनी चाहिएं। एसएमओ की यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी सीएचसी में एंबुलेंस, ड्राइवर, ईएमटी की हाजिरी को सुनिश्चित करें।
रेफरल सेवा के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल को सिविल सर्जन ने इस सिलसिले में एसएमओ से संपर्क रखने के लिए कहा। सभी डिप्टी सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि शत-प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हो। एनिमिया मुक्त हरियाणा, मलेरिया, आरबीएसके, आरकेएसके जैसे कार्यक्रमों की बैठक में समीक्षा की गई। इसके अलावा जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने से लेकर दिव्यांगों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर भी सिविल सर्जन ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
इस मौके पर पीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया, डॉ. आरएस पूनिया, डॉ. जेके मान, डॉ. रमेश पांचाल, डॉ. संदीप लोहान, डॉ. बिजेंद्र ढांडा, स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा भी मौजूद रहे।

जींद। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए बुधवार को स्वास्थ्य अधिकारियों की एक बैठक निजी होटल में हुई। बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य से लेकर टीबी, कोविड, किशोर स्वास्थ्य जैसे कार्यक्रमों की समीक्षा हुई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने की और सभी एसएमओ तथा डिप्टी सिविल सर्जनों को आदेश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विशलेषण कर इनमें सुधार के लिए तमाम जरूरी कदम उठाए जाएं।

डॉ. मंजू कादियान ने कहा कि सभी पीएचसी, सीएचसी और हेल्थ सब सेंटरों पर गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन की गोलियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसे गंभीरता से लिया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं के तमाम जरूरी टैस्ट करवाए जाएं। जिन गर्भवती महिलाओं की एचबी 7 से कम हो, उनके लिए इंजेक्टेबल आयरन की व्यवस्था की जाए। एएनएम यह सुनिश्चित करेंगी कि सात से कम एचबी वाली तमाम गर्भवती महिलाओं को इंजेक्टेबल आयरन दिया जाए। उन्होंने घर पर प्रसव कम से कम करवाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि संस्थागत डिलीवरी ज्यादा सुरक्षित रहती हैं। किसी गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए तुरंत नजदीक के सरकारी अस्पताल ले जाने की खातिर 24 घंटे सरकारी एम्बुलेंस सभी सीएचसी में तैयार रहनी चाहिएं। एसएमओ की यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी सीएचसी में एंबुलेंस, ड्राइवर, ईएमटी की हाजिरी को सुनिश्चित करें।

रेफरल सेवा के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल को सिविल सर्जन ने इस सिलसिले में एसएमओ से संपर्क रखने के लिए कहा। सभी डिप्टी सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि शत-प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हो। एनिमिया मुक्त हरियाणा, मलेरिया, आरबीएसके, आरकेएसके जैसे कार्यक्रमों की बैठक में समीक्षा की गई। इसके अलावा जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने से लेकर दिव्यांगों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर भी सिविल सर्जन ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

इस मौके पर पीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया, डॉ. आरएस पूनिया, डॉ. जेके मान, डॉ. रमेश पांचाल, डॉ. संदीप लोहान, डॉ. बिजेंद्र ढांडा, स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा भी मौजूद रहे।

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