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सिरसा: डेरामुखी के वचन के बाद सक्रिय हुआ डेरा, पक्षियों के लिए दानापानी का संदेश देना शुरू


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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह ने अनुयायियों को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं। इस संदेश के बाद अनुयायियों और डेरा प्रशासन ने काम करना भी शुरू कर दिया है। समाज की भलाई के मद्देनजर जारी किए गए संदेश को लेकर डेरा अनुयायी अब जीजान से जुट गए हैं। डेरामुखी ने पक्षियों के लिए दाना-पानी सहित गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने का भी आह्वान किया है।

डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह साध्वी यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में जेल में सजा काट रहा है। पिछले महीने 30 दिन की पैरोल पर रोहतक जेल से बाहर आया है। जेल से बाहर आने के बाद उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरनावा स्थित डेरा में ठहरा हुआ है।

यहां प्रतिदिन अनुयायियों से भी मिल रहा है। डेरा प्रबंधन को संभालने के साथ-साथ अनुयायियों से मिलकर धरातल पर स्थिति भी जानने में जुटा है।

सोशल मीडिया पर आकर दे रहा है अनुयायियों को संदेश
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह ने जेल से बाहर आकर अब अनुयायियों से जुड़ने का नया रास्ता अपनाया है। अब डेरामुखी प्रतिदिन सोशल मीडिया पर लाइव आकर संदेश दे रहा है। इससे अनुयायियों से सीधा जुड़ाव हो रहा है। इस दौरान अनुयायियों को दिए जा रहे वचनों में प्रमुख रूप से पक्षियों के लिए दाना-पानी उपलब्ध कराने का आह्वान है।

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी पोषक आहार देने की डेरामुखी ने अपील की है। हालांकि डेरा प्रबंधन ने भी काम शुरू कर दिया है। डेरा के पास स्थित मुख्य द्वार का रेनोवेशन चल रहा है। इसमें पक्षियों के लिए दाना-पानी संबंधित पेंटिंग और अन्य तरीके से संदेश दिए गए हैं। इसके इसके अलावा पेड़ बचाओ और पौधरोपण के साथ-साथ अन्य संदेश दिए जा रहे हैं। डेरा अनुयायियों की ओर से गर्भवती महिलाओं को राशन वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है।

नाम दान देने की प्रक्रिया भी की है शुरू
यूपी स्थित डेरा से गुरमीत राम रहीम सिंह ने नाम दान देने की परंपरा भी शुरू कर रखी है। इस दौरान बड़ी संख्या में अनुयायियों को नाम दान दे दिया गया है। बताया जा रहा कि अनुयायियों के परिवार में पिछले पांच साल के दौरान जो भी बच्चे पैदा हुए या शादी के बाद वधू के साथ-साथ दामाद से रिश्ता जुड़ा है, उन्हें भी नाम दान दिया जा रहा है। इतना ही नहीं डेरामुखी ने विशेष तौर पर अनुयायियों से सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव आकर सीधा संवाद भी किया है। इस दौरान सवाल-जवाब भी दिए जा रहे हैं। प्रतिदिन जिला और ब्लॉक अनुसार विशेष नाम चर्चा घर या अन्य जगहों पर संगत को एकत्र कर कार्यक्रम हो रहे हैं और सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है।

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह ने अनुयायियों को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं। इस संदेश के बाद अनुयायियों और डेरा प्रशासन ने काम करना भी शुरू कर दिया है। समाज की भलाई के मद्देनजर जारी किए गए संदेश को लेकर डेरा अनुयायी अब जीजान से जुट गए हैं। डेरामुखी ने पक्षियों के लिए दाना-पानी सहित गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने का भी आह्वान किया है।

डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह साध्वी यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में जेल में सजा काट रहा है। पिछले महीने 30 दिन की पैरोल पर रोहतक जेल से बाहर आया है। जेल से बाहर आने के बाद उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरनावा स्थित डेरा में ठहरा हुआ है।

यहां प्रतिदिन अनुयायियों से भी मिल रहा है। डेरा प्रबंधन को संभालने के साथ-साथ अनुयायियों से मिलकर धरातल पर स्थिति भी जानने में जुटा है।

सोशल मीडिया पर आकर दे रहा है अनुयायियों को संदेश

डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह ने जेल से बाहर आकर अब अनुयायियों से जुड़ने का नया रास्ता अपनाया है। अब डेरामुखी प्रतिदिन सोशल मीडिया पर लाइव आकर संदेश दे रहा है। इससे अनुयायियों से सीधा जुड़ाव हो रहा है। इस दौरान अनुयायियों को दिए जा रहे वचनों में प्रमुख रूप से पक्षियों के लिए दाना-पानी उपलब्ध कराने का आह्वान है।

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी पोषक आहार देने की डेरामुखी ने अपील की है। हालांकि डेरा प्रबंधन ने भी काम शुरू कर दिया है। डेरा के पास स्थित मुख्य द्वार का रेनोवेशन चल रहा है। इसमें पक्षियों के लिए दाना-पानी संबंधित पेंटिंग और अन्य तरीके से संदेश दिए गए हैं। इसके इसके अलावा पेड़ बचाओ और पौधरोपण के साथ-साथ अन्य संदेश दिए जा रहे हैं। डेरा अनुयायियों की ओर से गर्भवती महिलाओं को राशन वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है।

नाम दान देने की प्रक्रिया भी की है शुरू

यूपी स्थित डेरा से गुरमीत राम रहीम सिंह ने नाम दान देने की परंपरा भी शुरू कर रखी है। इस दौरान बड़ी संख्या में अनुयायियों को नाम दान दे दिया गया है। बताया जा रहा कि अनुयायियों के परिवार में पिछले पांच साल के दौरान जो भी बच्चे पैदा हुए या शादी के बाद वधू के साथ-साथ दामाद से रिश्ता जुड़ा है, उन्हें भी नाम दान दिया जा रहा है। इतना ही नहीं डेरामुखी ने विशेष तौर पर अनुयायियों से सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव आकर सीधा संवाद भी किया है। इस दौरान सवाल-जवाब भी दिए जा रहे हैं। प्रतिदिन जिला और ब्लॉक अनुसार विशेष नाम चर्चा घर या अन्य जगहों पर संगत को एकत्र कर कार्यक्रम हो रहे हैं और सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है।

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