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सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करने पर 18 दुकानदारों के चालान


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जींद। नगर परिषद की टीम ने सोमवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ शहर में अभियान चलाया। इस दौरान सफ ीदों रोड पर पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करने वाले वाले 18 दुकानदारों व रेहड़ी लगाने के चालान किए गए। साथ ही उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक को सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने का हवाला देते हुए कैरी बैग, जूट व कपड़े के थैले प्रयोग करने की हिदायत दी। दुकानदारों ने भी पॉलिथीन के प्रयोग को लेकर अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए कहा कि वह भी पॉलिथीन रखकर खुश नहीं हैं, लेकिन ग्राहक पांच रुपये के सामान पर भी पॉलिथीन की मांग करता है। अगर पॉलिथीन नहीं देते हैं, तो ग्राहक दूसरी दुकान पर सामान लेने चला जाता है। ऐसे में ग्राहक को पॉलिथीन देना मजबूरी है। अगर सरकार को प्रतिबंध लगाना है, तो दुकानदारों पर कार्रवाई करने की बजाय पॉलिथीन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर ही कार्रवाई करनी चाहिए और पॉलिथीन के उत्पादन पर ही रोक लगा देनी चाहिए।
…तो लोग उनसे सब्जी नहीं खरीदेंगे
परशुराम चौक पर सब्जी की रेहड़ी लगाए हुए राकेश का पॉलिथीन रखने पर 500 रुपये का चालान किया गया। राकेश ने कहा कि अगर पॉलिथीन नहीं देंगे, तो लोग उनसे सब्जी नहीं खरीदेंगे। पालीथिन का विकल्प कैरी बैग व जूट के थैले मार्केट में हैं। जिनकी कीमत ज्यादा है। ऐसे में 20 से 30 रुपये की सब्जी के साथ यह थैले नहीं दे सकते।
नियमों की पालना नहीं करने वालों के किए जा रहे चालान
मुख्य स्वच्छता निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने बताया कि एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू हो चुका है। जिला प्रशासन और नगर परिषद की तरफ से शहर में जागरूकता अभियान में भी चलाया गया। जो दुकानदार पालीथिन व सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग कर रहे हैंए उनके चालान किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह कैरी बैग, जूट व कपड़े के थैले प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान का असर दिख रहा है। काफी दुकानदारों ने कैरी बैग और जूट के थैले रखने शुरू कर दिए हैं।

जींद। नगर परिषद की टीम ने सोमवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ शहर में अभियान चलाया। इस दौरान सफ ीदों रोड पर पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करने वाले वाले 18 दुकानदारों व रेहड़ी लगाने के चालान किए गए। साथ ही उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक को सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने का हवाला देते हुए कैरी बैग, जूट व कपड़े के थैले प्रयोग करने की हिदायत दी। दुकानदारों ने भी पॉलिथीन के प्रयोग को लेकर अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए कहा कि वह भी पॉलिथीन रखकर खुश नहीं हैं, लेकिन ग्राहक पांच रुपये के सामान पर भी पॉलिथीन की मांग करता है। अगर पॉलिथीन नहीं देते हैं, तो ग्राहक दूसरी दुकान पर सामान लेने चला जाता है। ऐसे में ग्राहक को पॉलिथीन देना मजबूरी है। अगर सरकार को प्रतिबंध लगाना है, तो दुकानदारों पर कार्रवाई करने की बजाय पॉलिथीन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर ही कार्रवाई करनी चाहिए और पॉलिथीन के उत्पादन पर ही रोक लगा देनी चाहिए।

…तो लोग उनसे सब्जी नहीं खरीदेंगे

परशुराम चौक पर सब्जी की रेहड़ी लगाए हुए राकेश का पॉलिथीन रखने पर 500 रुपये का चालान किया गया। राकेश ने कहा कि अगर पॉलिथीन नहीं देंगे, तो लोग उनसे सब्जी नहीं खरीदेंगे। पालीथिन का विकल्प कैरी बैग व जूट के थैले मार्केट में हैं। जिनकी कीमत ज्यादा है। ऐसे में 20 से 30 रुपये की सब्जी के साथ यह थैले नहीं दे सकते।

नियमों की पालना नहीं करने वालों के किए जा रहे चालान

मुख्य स्वच्छता निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने बताया कि एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू हो चुका है। जिला प्रशासन और नगर परिषद की तरफ से शहर में जागरूकता अभियान में भी चलाया गया। जो दुकानदार पालीथिन व सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग कर रहे हैंए उनके चालान किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह कैरी बैग, जूट व कपड़े के थैले प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान का असर दिख रहा है। काफी दुकानदारों ने कैरी बैग और जूट के थैले रखने शुरू कर दिए हैं।

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