सफाई में लाएं तेजी, ड्रेनों में न छोड़ा जाए गंदा पानी


ख़बर सुनें

कैथल। जिले में सभी ड्रेनों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से सुचारु होनी चाहिए। बारिश के मौसम को देखते हुए सफाई व्यवस्था में तेजी लाई जाए। ड्रेनों में किसी भी सूरत में गंदा पानी न छोड़ा जाए। डीसी डा. संगीता तेतरवाल ने ये निर्देश लघु सचिवालय में आयोजित अधिकारियों की बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद अधिकारी तुरंत प्रभाव से सड़कों से पशुओं को हटवाने की व्यवस्था करें। साथ ही कचरा प्रबंधन पर भी निर्देश दिए।
मैनुअल स्केवेंजर (हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों) रोजगार की रोकथाम एवं उनके पुनर्वास अधिनियम 2013 विषय पर आयोजित इस बैठक में डीसी ने कहा कि नहरों का पानी आमजन के पीने के लिए उपयोग में लाया जाता है। यदि इस पानी में सीवरेज का गंदा पानी आएगा तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने शहर में सड़कों पर घूम रहे गोवंशों पर कहा कि ये सड़कों पर नजर नहीं आना चाहिए। इसके लिए पशुपालन विभाग, सामाजिक संस्थाओं व गोशालाओं के पदाधिकारियों से बातचीत करें और प्रबंधन करें। उन्होंने शहर की मार्केट के दुकानदारों का आह्वान किया कि वे दुकानों के बाहर कूड़ा न फेंके, बल्कि डस्टबीन का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि शहर में लाइट व्यवस्था को सुचारु करें, कहीं भी रात के समय अंधेरा नजर नहीं आए। डीसी ने कहा कि पार्कों की सफाई भी करवाई जाएं और जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें पूरा करवाया जाए। इस मौके पर डीएमसी कुलधीर सिंह, एसडीएम ब्रह्म प्रकाश, एसीईओ अमित कुमार, जिला कल्याण अधिकारी विनोद कुमार, ईओ कुलदीप सिंह, एलडीएम विनोद कुमार, धर्मवीर भोला एडवोकेट के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जान बचाने पर पुरस्कार के लिए नाम की सिफारिश के आदेश
बैठक में दूसरों की जान बचाकर अपनी जान गंवाने वाले सतीश का भी जिक्र हुआ। वर्ष 2020 में मैनुअल स्केवेंजर के तहत सेक्टर-18 में सतीश पुत्र रामदिया निवासी काकौत की सफाई कर्मियों को बचाने के कारण मृत्यु हो गई थी। किसी भी विभाग से संबंधित परिवार को आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई। इस पर डीसी ने जिला कल्याण अधिकारी विनोद कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित का नाम अवार्ड के लिए भेजा जाए और आर्थिक सहायता के लिए विशेष केस बनाकर मुख्यालय को तुरंत प्रभाव से भेजा जाए और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भी उपलब्ध करवाई जाए।

कैथल। जिले में सभी ड्रेनों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से सुचारु होनी चाहिए। बारिश के मौसम को देखते हुए सफाई व्यवस्था में तेजी लाई जाए। ड्रेनों में किसी भी सूरत में गंदा पानी न छोड़ा जाए। डीसी डा. संगीता तेतरवाल ने ये निर्देश लघु सचिवालय में आयोजित अधिकारियों की बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद अधिकारी तुरंत प्रभाव से सड़कों से पशुओं को हटवाने की व्यवस्था करें। साथ ही कचरा प्रबंधन पर भी निर्देश दिए।

मैनुअल स्केवेंजर (हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों) रोजगार की रोकथाम एवं उनके पुनर्वास अधिनियम 2013 विषय पर आयोजित इस बैठक में डीसी ने कहा कि नहरों का पानी आमजन के पीने के लिए उपयोग में लाया जाता है। यदि इस पानी में सीवरेज का गंदा पानी आएगा तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने शहर में सड़कों पर घूम रहे गोवंशों पर कहा कि ये सड़कों पर नजर नहीं आना चाहिए। इसके लिए पशुपालन विभाग, सामाजिक संस्थाओं व गोशालाओं के पदाधिकारियों से बातचीत करें और प्रबंधन करें। उन्होंने शहर की मार्केट के दुकानदारों का आह्वान किया कि वे दुकानों के बाहर कूड़ा न फेंके, बल्कि डस्टबीन का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि शहर में लाइट व्यवस्था को सुचारु करें, कहीं भी रात के समय अंधेरा नजर नहीं आए। डीसी ने कहा कि पार्कों की सफाई भी करवाई जाएं और जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें पूरा करवाया जाए। इस मौके पर डीएमसी कुलधीर सिंह, एसडीएम ब्रह्म प्रकाश, एसीईओ अमित कुमार, जिला कल्याण अधिकारी विनोद कुमार, ईओ कुलदीप सिंह, एलडीएम विनोद कुमार, धर्मवीर भोला एडवोकेट के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जान बचाने पर पुरस्कार के लिए नाम की सिफारिश के आदेश

बैठक में दूसरों की जान बचाकर अपनी जान गंवाने वाले सतीश का भी जिक्र हुआ। वर्ष 2020 में मैनुअल स्केवेंजर के तहत सेक्टर-18 में सतीश पुत्र रामदिया निवासी काकौत की सफाई कर्मियों को बचाने के कारण मृत्यु हो गई थी। किसी भी विभाग से संबंधित परिवार को आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई। इस पर डीसी ने जिला कल्याण अधिकारी विनोद कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित का नाम अवार्ड के लिए भेजा जाए और आर्थिक सहायता के लिए विशेष केस बनाकर मुख्यालय को तुरंत प्रभाव से भेजा जाए और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भी उपलब्ध करवाई जाए।

.


What do you think?

Written by Haryanacircle

शीतला माता मंदिर के मेले में उमड़े श्रद्धालु

मामी, पत्नी, पुत्रवधू को पार्षद बनाने के बाद दूसरी बार खुद बने पार्षद