in

वैश्य संस्था के चुनाव की रिहर्सल आज, 13 हजार मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग


ख़बर सुनें

रोहतक। वैश्य शिक्षण संस्थान के चुनाव में नामांकन प्रक्रिया के बाद अब 10 जुलाई के मतदान को लेकर प्रत्याशियों व समाज के लोगों में उत्साह बना हुआ है। चुनाव में संस्था के करीब 13 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 88 कॉलेजियम सदस्य चुनेंगे। संस्था के 17 कॉलेजियम सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इसी कड़ी में सात जुलाई को चुनावी रिहर्सल की जाएगी।
संस्था के चुनाव में प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। कॉलेजियम के 88 सदस्यों का चुनाव 10 जुलाई को मतदान से होगा। इसे लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। इसके तहत संस्थान की चार शिक्षण संस्थाओं में पांच एआरओ के नेतृत्व में करीब 20 कॉलेजियम में मतदान होगा। इसके तहत वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में एक से 21, वैश्य लॉ कॉलेज में 23 से 42, वैश्य हाई स्कूल में 43 से 63 व वैश्य पब्लिक स्कूल में 64 से 105 कॉलेजियम का मतदान होगा। चुनावी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से चलाने के लिए सात जुलाई को रिहर्सल की जाएगी। यहां मतदान प्रक्रिया का अभ्यास व कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया जाएगा। यही नहीं, मतदान के खाने की सामूहिक व्यवस्था रहेगी। दूर-दराज से आने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है।
संस्था के चार सदस्यों के नाम मृतकों में लिखे
वैश्य संस्था चुनाव को लेकर विवादों का सामने आना जारी है। हाल ही में कुछ सदस्यों ने अपना नाम मतदाता सूची से काट कर मृतकों की सूची में डाले जाने पर आपत्ति जताई है। इसे लेकर चुनाव अधिकारी व प्रशासक को भी अवगत कराया गया है। फिलहाल इस मामले में कोई कार्रवाई न करते हुए इन नामों को चुनाव से अलग रखा गया है। बाद में जिंदा लोगों के वोट काटे जाने के मामले में प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा।
गोपनीय रहेगा मतदाता का दिया वोट
संस्था के चुनाव में इस बार गोपनीयता पर खास ध्यान दिया गया है। इसके चलते बैलेट पेपर पर क्रमांक नंबर दर्ज नहीं किया जाएगा। इससे मतदाता ने किसे वोट दिया, यह पता नहीं लगेगा। मतदाता की पहचान गोपनीय रहेगी।
पहली बार चुने जाएंगे चार प्रबंधक
कॉलेजियम के 105 सदस्य 24 जुलाई को गवर्निंग बॉडी का चुनाव करेंगे। इसमें पांच ऑफिसर बियरर व 16 कार्यकारिणी सदस्य होंगे। इसके बाद वैश्य संस्था में पहली बार संस्था की चार शिक्षण संस्थाओं की गवर्निंग बॉडी का चुनाव होगा। इसमें वैश्य कॉलेज, वैश्य महिला कॉलेज, वैश्य विधि महाविद्यालय व वैश्य कॉलेज ऑफ एजुकेशन शामिल हैं। इसकी रजिस्ट्रार से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए अलग से चुनावी प्रक्रिया चलाई जाएगी। इसके बाद ही चुनावी प्रक्रिया पूरी होगी। मतदान के दिन बुजुर्गों के लिए कैंपस में ई-रिक्शा व व्हील चेयर की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इन पर बुजुर्ग मतदाताओं को लाया व ले जाया जाएगा। यहां मतदाताओं के लिए खाने पीने की भी व्यवस्था रहेगी।
वर्जन-
चुनावी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कॉलेजियम के 17 सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं। अब 88 कॉलेजियम के लिए 10 जुलाई को मतदान होगा। इसके लिए चार भवनों में मतदान की व्यवस्था की गई है। मतदान का समय भी सुबह आठ से शाम पांच बजे तक करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ वोट कटे हैं। उनके नाम मृतकों की सूची में हैं। इस बारे में बाद में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ये नाम अलग रखे गए हैं।
– डॉ. एमएस श्योराण, चुनाव अधिकारी, वैश्य शिक्षण संस्था।
वर्जन:
सरकार ने संस्था की जिम्मेदारी दी है। इसके साथ यहां चुनाव कराने की भी जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत चुनाव कराए जा रहे हैं। विवादों का समाधान करते हुए निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से चुनाव कराए जा रहे हैं। इसके चलते कहीं भी किसी भी तरह की शिकायत या आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है।
– डॉ. वीरेंद्र सिंधू, प्रशासक, वैश्य शिक्षण संस्था।

रोहतक। वैश्य शिक्षण संस्थान के चुनाव में नामांकन प्रक्रिया के बाद अब 10 जुलाई के मतदान को लेकर प्रत्याशियों व समाज के लोगों में उत्साह बना हुआ है। चुनाव में संस्था के करीब 13 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 88 कॉलेजियम सदस्य चुनेंगे। संस्था के 17 कॉलेजियम सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इसी कड़ी में सात जुलाई को चुनावी रिहर्सल की जाएगी।

संस्था के चुनाव में प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। कॉलेजियम के 88 सदस्यों का चुनाव 10 जुलाई को मतदान से होगा। इसे लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। इसके तहत संस्थान की चार शिक्षण संस्थाओं में पांच एआरओ के नेतृत्व में करीब 20 कॉलेजियम में मतदान होगा। इसके तहत वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में एक से 21, वैश्य लॉ कॉलेज में 23 से 42, वैश्य हाई स्कूल में 43 से 63 व वैश्य पब्लिक स्कूल में 64 से 105 कॉलेजियम का मतदान होगा। चुनावी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से चलाने के लिए सात जुलाई को रिहर्सल की जाएगी। यहां मतदान प्रक्रिया का अभ्यास व कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया जाएगा। यही नहीं, मतदान के खाने की सामूहिक व्यवस्था रहेगी। दूर-दराज से आने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है।

संस्था के चार सदस्यों के नाम मृतकों में लिखे

वैश्य संस्था चुनाव को लेकर विवादों का सामने आना जारी है। हाल ही में कुछ सदस्यों ने अपना नाम मतदाता सूची से काट कर मृतकों की सूची में डाले जाने पर आपत्ति जताई है। इसे लेकर चुनाव अधिकारी व प्रशासक को भी अवगत कराया गया है। फिलहाल इस मामले में कोई कार्रवाई न करते हुए इन नामों को चुनाव से अलग रखा गया है। बाद में जिंदा लोगों के वोट काटे जाने के मामले में प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा।

गोपनीय रहेगा मतदाता का दिया वोट

संस्था के चुनाव में इस बार गोपनीयता पर खास ध्यान दिया गया है। इसके चलते बैलेट पेपर पर क्रमांक नंबर दर्ज नहीं किया जाएगा। इससे मतदाता ने किसे वोट दिया, यह पता नहीं लगेगा। मतदाता की पहचान गोपनीय रहेगी।

पहली बार चुने जाएंगे चार प्रबंधक

कॉलेजियम के 105 सदस्य 24 जुलाई को गवर्निंग बॉडी का चुनाव करेंगे। इसमें पांच ऑफिसर बियरर व 16 कार्यकारिणी सदस्य होंगे। इसके बाद वैश्य संस्था में पहली बार संस्था की चार शिक्षण संस्थाओं की गवर्निंग बॉडी का चुनाव होगा। इसमें वैश्य कॉलेज, वैश्य महिला कॉलेज, वैश्य विधि महाविद्यालय व वैश्य कॉलेज ऑफ एजुकेशन शामिल हैं। इसकी रजिस्ट्रार से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए अलग से चुनावी प्रक्रिया चलाई जाएगी। इसके बाद ही चुनावी प्रक्रिया पूरी होगी। मतदान के दिन बुजुर्गों के लिए कैंपस में ई-रिक्शा व व्हील चेयर की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इन पर बुजुर्ग मतदाताओं को लाया व ले जाया जाएगा। यहां मतदाताओं के लिए खाने पीने की भी व्यवस्था रहेगी।

वर्जन-

चुनावी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कॉलेजियम के 17 सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं। अब 88 कॉलेजियम के लिए 10 जुलाई को मतदान होगा। इसके लिए चार भवनों में मतदान की व्यवस्था की गई है। मतदान का समय भी सुबह आठ से शाम पांच बजे तक करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ वोट कटे हैं। उनके नाम मृतकों की सूची में हैं। इस बारे में बाद में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ये नाम अलग रखे गए हैं।

– डॉ. एमएस श्योराण, चुनाव अधिकारी, वैश्य शिक्षण संस्था।

वर्जन:

सरकार ने संस्था की जिम्मेदारी दी है। इसके साथ यहां चुनाव कराने की भी जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत चुनाव कराए जा रहे हैं। विवादों का समाधान करते हुए निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से चुनाव कराए जा रहे हैं। इसके चलते कहीं भी किसी भी तरह की शिकायत या आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है।

– डॉ. वीरेंद्र सिंधू, प्रशासक, वैश्य शिक्षण संस्था।

.


नई शिक्षा नीति में विद्यार्थी क्षेत्रीय भाषा में कर सकेंगे पढ़ाई

कैंटर ने ट्रैक्टर को मारी टक्कर, मोटरसाइकिल भी आई चपेट में