विन मनी एप से ठगी : लालच देकर मजदूरों के दस्तावेजों पर खुलवाए खाते, आयकर विभाग ने मांगा ब्योरा


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हिसार। विन मनी एप में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले का खुलासा होने के बाद इनकम टैक्स के अधिकारियों ने पुलिस से संपर्क किया है। विभाग ने 300 करोड़ के लेनदेन का खुलासा होने के बाद आरोपियों के बैंक खातों की जांच आरंभ कर दी है। आयकर विभाग के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले में अपनी जांच शुरू कर सकता है। वहीं, पुलिस इस मामले की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुुटी है। जांच में कई बैंक अधिकारियों की कार्य प्रणाली भी संदिग्ध नजर आ रही है।
लालच देकर मजदूरों के दस्तावेजों पर खुलवा रखे हैं खाते
सीआईए टीम विन मनी एप मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले इस गिरोह के गुर्गों ने विभिन्न स्थानों के मजदूरों को अपने संपर्क में लिया। उनको कुछ रुपये देने का लालच लेकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवाए हैं। खाते खुलवाने के बाद उनका डेबिट कार्ड, चेक बुक और इंटरनेट बैंकिंग संबंधित दस्तावेज लेकर फर्मों के नाम से खाते खुलवाए हैं। इन खातों को देेश और विदेशों में बैठे साइबर ठग चला रहे हैं। पुलिस ने फर्मों का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में कई चौकाने वाले खुलासे होंगे। सीआईए इस मामले में अलग-अलग राज्यों में फैले गिरोह के गुर्गों तक पहुंचने के लिए दबिश दे रही है। चिटफंड स्कीम के तहत रुपये हड़पने के मामले में सीआईए टीम गुजरात के सुरेंद्रा नगर निवासी सचिन गुड़ालिया, अहमदाबाद निवासी पिंटू राजपूत, राजस्थान के जयपुर निवासी आकाश शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है।
विदेशों तक फैला है कारोबार
पुलिस की जांच में सामने आ रहा है कि विन मनी एप के जरिये ठगी का अवैध कारोबार विदेशों तक फैला है। आरोपियों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया था कि उनके गिरोह के संबंध दुबई से भी जुड़े हैं। ये लोग टेलीग्राम, फेसबुक, वेबसाइट सहित कई एप के माध्यम से लोगों से संपर्क करके लोगों को लिंक भेजते हैं। पहले कुछ समय तक लोगों को पैसा दिया जाता है। जब उसके खाते में अच्छी रकम जमा हो जाए तो उसके वर्चअुल खाते को ब्लाक कर देते हैं। इससे वह पैसे को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं कर पाता। पुलिस की जांच में पता लगा है कि इस गिरोह में राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार के लोग शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों के लोग अपने बैंक खातों के जरिये रुपये को मिनटों के हिसाब से ट्रांसफर करते रहते हैं, जिससे खातों को ब्लाक न किया जा सके। इससे पहले फ्यूचर मेकर के नाम से बड़ा घोटाला सामने आ चुका है। जिसमें कंपनी का कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपये आंका गया था।
विन मनी एप में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस गिरोह में कई प्रदेशों के लोग शामिल हैं। – लोकेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक

हिसार। विन मनी एप में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले का खुलासा होने के बाद इनकम टैक्स के अधिकारियों ने पुलिस से संपर्क किया है। विभाग ने 300 करोड़ के लेनदेन का खुलासा होने के बाद आरोपियों के बैंक खातों की जांच आरंभ कर दी है। आयकर विभाग के बाद प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले में अपनी जांच शुरू कर सकता है। वहीं, पुलिस इस मामले की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुुटी है। जांच में कई बैंक अधिकारियों की कार्य प्रणाली भी संदिग्ध नजर आ रही है।

लालच देकर मजदूरों के दस्तावेजों पर खुलवा रखे हैं खाते

सीआईए टीम विन मनी एप मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले इस गिरोह के गुर्गों ने विभिन्न स्थानों के मजदूरों को अपने संपर्क में लिया। उनको कुछ रुपये देने का लालच लेकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवाए हैं। खाते खुलवाने के बाद उनका डेबिट कार्ड, चेक बुक और इंटरनेट बैंकिंग संबंधित दस्तावेज लेकर फर्मों के नाम से खाते खुलवाए हैं। इन खातों को देेश और विदेशों में बैठे साइबर ठग चला रहे हैं। पुलिस ने फर्मों का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में कई चौकाने वाले खुलासे होंगे। सीआईए इस मामले में अलग-अलग राज्यों में फैले गिरोह के गुर्गों तक पहुंचने के लिए दबिश दे रही है। चिटफंड स्कीम के तहत रुपये हड़पने के मामले में सीआईए टीम गुजरात के सुरेंद्रा नगर निवासी सचिन गुड़ालिया, अहमदाबाद निवासी पिंटू राजपूत, राजस्थान के जयपुर निवासी आकाश शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है।

विदेशों तक फैला है कारोबार

पुलिस की जांच में सामने आ रहा है कि विन मनी एप के जरिये ठगी का अवैध कारोबार विदेशों तक फैला है। आरोपियों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया था कि उनके गिरोह के संबंध दुबई से भी जुड़े हैं। ये लोग टेलीग्राम, फेसबुक, वेबसाइट सहित कई एप के माध्यम से लोगों से संपर्क करके लोगों को लिंक भेजते हैं। पहले कुछ समय तक लोगों को पैसा दिया जाता है। जब उसके खाते में अच्छी रकम जमा हो जाए तो उसके वर्चअुल खाते को ब्लाक कर देते हैं। इससे वह पैसे को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर नहीं कर पाता। पुलिस की जांच में पता लगा है कि इस गिरोह में राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार के लोग शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों के लोग अपने बैंक खातों के जरिये रुपये को मिनटों के हिसाब से ट्रांसफर करते रहते हैं, जिससे खातों को ब्लाक न किया जा सके। इससे पहले फ्यूचर मेकर के नाम से बड़ा घोटाला सामने आ चुका है। जिसमें कंपनी का कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपये आंका गया था।

विन मनी एप में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस गिरोह में कई प्रदेशों के लोग शामिल हैं। – लोकेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक

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Written by Haryanacircle

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